शिक्षा और रोजगार
UP International Trade Show-4.0: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार खेल विभाग का विशेष पवेलियन
200 वर्ग मीटर के पवेलियन में खेल निदेशालय, युवा कल्याण, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल यूनिवर्सिटी की होगी संयुक्त भागीदारी
UP International Trade Show-4.0: लखनऊ, (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों की झलक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच पर देखने को मिलेगी। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-4.0 में पहली बार प्रदेश का खेल विभाग बड़े स्तर पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा।
खेल विभाग करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विशेष पवेलियन तैयार कर रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश की खेल उपलब्धियों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों, आधुनिक खेल ढांचे तथा भविष्य की योजनाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।खेल विभाग के इस विशेष पवेलियन में विभाग से जुड़े चार प्रमुख अंग संयुक्त रूप से अपनी गतिविधियां प्रदर्शित करेंगे।
इनमें खेल निदेशालय, प्रादेशिक विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग, स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में विकसित हो रही खेल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। आयोजन से जुड़ी तैयारियों के लिए शासन स्तर पर विशेष सचिव कुमार विनीत को नोडल अधिकारी बनाया गया है। खेल विभाग की ओर से भी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अलग नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
खिलाड़ियों की उपलब्धियां डिजिटल माध्यम से होंगी प्रदर्शित
पवेलियन में उत्तर प्रदेश के उन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसके लिए खिलाड़ियों की तस्वीरों, वीडियो संदेशों और उनकी उपलब्धियों से संबंधित सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।
आगंतुकों को खेल प्रतिभाओं की जानकारी देने के लिए टीवी पैनल और डिजिटल स्क्रीन लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश में तैयार हो रहे खेल ढांचे पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र भी दर्शकों को दिखाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में विकसित की जा रही आधुनिक खेल सुविधाओं को भी पवेलियन में विशेष स्थान दिया जाएगा। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर समेत विभिन्न शहरों में तैयार हो रहे प्रमुख खेल ढांचे की जानकारी आकर्षक तरीके से प्रस्तुत की जाएगी। मेरठ में निर्माणाधीन खेल यूनिवर्सिटी को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इन परियोजनाओं के 3डी मॉडल तैयार किए जा रहे हैं, जिससे दर्शकों को प्रस्तावित और विकसित हो रहे खेल परिसरों की संरचना को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
युवा कल्याण की गतिविधियों को भी मिलेगा मंच
पवेलियन में युवा कल्याण विभाग की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल से संबंधित गतिविधियों को दर्शाने वाली सामग्री के साथ मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किए गए प्रमाणपत्र, पुरस्कार और पदक भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे। आगंतुकों को केवल जानकारी देने के बजाय पवेलियन को मनोरंजक और सहभागितापूर्ण बनाने की भी तैयारी है। इसके लिए विशेष गेमिंग जोन तैयार किया जा रहा है। इसमें फुटबॉल, हॉकी और टेबल टेनिस सहित चार खेलों पर आधारित इंटरएक्टिव गेम शामिल होंगे। अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को छोटे उपहार और चॉकलेट देकर प्रोत्साहित करने की भी योजना है। इससे खासकर बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
जेन-जी को खेल और फिटनेस से जोड़ने पर जोर
पवेलियन की प्रस्तुति में नई पीढ़ी, विशेष रूप से जेन-जी, को खेलों के प्रति आकर्षित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। युवाओं को खेल, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व से परिचित कराने के लिए विशेष सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। विभाग का उद्देश्य युवाओं के बीच यह संदेश पहुंचाना है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
तकनीक और खेल के बदलते संबंध को देखते हुए पवेलियन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। इसमें खिलाड़ियों से संबंधित आंकड़ों के बेहतर प्रबंधन, प्रतिभाओं के डेटा बेस और खेल गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने में तकनीक की भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा।
उच्च उत्कृष्टता केंद्रों से प्रशिक्षण व्यवस्था को मिल रहा विस्तार
खेल विभाग के विशेष सचिव विनीत कुमार के अनुसार, उत्तर प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेज लंबे समय से खेल प्रतिभाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन संस्थानों से प्रशिक्षित कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि अब प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी से लेकर आगे के अवसरों तक अधिक व्यापक सहयोग देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत खेल विद्यालय, खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स हॉस्टल और उच्च उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। साई के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं को तलाशने और स्टेडियमों में आधुनिक उपकरण तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।