शिक्षा और रोजगार
संगरिया में सेवादारों ने मानसिक रूप से परेशान गुमशुदा व्यक्ति की सार-संभाल की, परिजनों की तलाश जारी
अंधकार में जीवन यापन कर रहे मानसिक रोगियों के लिए रोशनी की किरण बने सेवादार
संगरिया, (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। "किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। हमें अपने आसपास, समाज, गली, मोहल्ले और कस्बे में हर असहाय व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। मनुष्य जीवन को सही ढंग से वही इंसान जीता है, जो दूसरों के जीवन में खुशियां बिखेरता है।" पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की इन्हीं पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए संगरिया ब्लॉक के सेवादारों ने 'इंसानियत मुहिम' के तहत एक और सराहनीय कार्य किया है। संगरिया की साध-संगत ने एक और लगभग 50 वर्षीय गुमशुदा व मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति की सार-संभाल की और अब सेवादार उसके परिजनों का पता लगाने में जुट गए हैं।
परिजनों की तलाश जारी
इस गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाने के लिए साध-संगत द्वारा सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। रावत मीणा की तस्वीरें और जानकारी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दी गई हैं ताकि जल्द से जल्द उसके परिजनों का पता लगाया जा सके और उसे सकुशल घर पहुंचाया जा सके।
भूख-प्यास से व्याकुल था व्यक्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगरिया के भगत सिंह चौक में सेवादार भाई राज कुमार इन्सां को एक मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति मिला। वह भूख और प्यास से अत्यंत व्याकुल नजर आ रहा था और अपने आप से ही बातें कर रहा था। प्रेमी भाई ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे तुरंत अपने पास बिठाया, पानी पिलाया और इसकी सूचना संगरिया के 'शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार भाई लाल चंद इन्सां को दी।
सेवादारों ने नहला-धुलाकर पहनाए नए कपड़े, पुलिस को दी सूचना
सूचना मिलते ही अन्य सेवादार भाई तुरंत मौके पर पहुंचे। जब उस व्यक्ति से प्यार से पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम रावत मीणा बताया। उसकी दयनीय हालत को देखते हुए सेवादार भाइयों ने उसे भोजन करवाया और स्थानीय पुलिस थाना में मामले की सूचना दी। इसके बाद उसे आदरपूर्वक संगरिया के 'मानवता भलाई केंद्र' में लाया गया। यहाँ उसके रहने और खाने-पीने की उत्तम व्यवस्था की गई। सेवादारों ने उसकी कटिंग व शेव बनवाई और नहला-धुलाकर साफ व नए कपड़े पहनाए, जिससे उसकी स्थिति में काफी सुधार नजर आया।