17th Pay Commission Rajasthan: सहकारी बैंकों के 17वें वेतन समझौते को जल्द लागू करने की मांग

अपेक्स बैंक एमडी को सौंपा मांग-पत्र, 31 दिसंबर तक लागू करने का आग्रह

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17th Pay Commission Rajasthan: कोटा (सच कहूँ न्यूज़)। राजस्थान के सहकारी बैंकों के कर्मचारियों से जुड़े 17वें वेतन समझौते को लागू करने की मांग अब तेज हो गई है। एआरएसबीएए एवं आरएसबीकेएस के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय वेतन समझौता समिति के सदस्य सचिव एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चुण्डावत को मांग-पत्र सौंपकर 1 जनवरी 2024 से लंबित वेतन समझौते को जल्द लागू करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रांतीय महासचिव कल्याण सिंह चौहान और मदन लाल मीणा ने किया। संगठन की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित लाभों का शीघ्र भुगतान और नए वेतनमान का निर्धारण किया जाना आवश्यक है।

वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर प्रमुख मांग

संगठनों की ओर से तैयार मांग-पत्र में राजस्थान के विभिन्न सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा संबंधी कई मुद्दों को शामिल किया गया है। इसमें 3.50 से 3.83 के बीच उपयुक्त फिटमेंट फैक्टर अथवा 25 प्रतिशत समग्र वेतन वृद्धि के आधार पर नई वेतन श्रृंखला निर्धारित करने की मांग प्रमुख है। मांग-पत्र में अपेक्स बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंकों, एसएलडीबी और पीएलडीबी से जुड़े कार्मिकों के लिए विभिन्न वित्तीय एवं सेवा लाभों का भी उल्लेख किया गया है।

संगठनों ने नाबार्ड की अमलोरपवनाथन समिति की सिफारिशों के अनुरूप देय विशेष वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की है। इसमें सीपीसीबी-I और सीपीसीबी-II से संबंधित विशेष वेतन वृद्धि भी शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, विभिन्न प्रकार के अवकाश, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन संबंधी लाभ और अन्य सेवा सुविधाओं को भी मांग-पत्र में स्थान दिया गया है।

ग्रेच्युटी 40 लाख रुपये करने की मांग

17वें वेतन समझौते के प्रस्ताव में कर्मचारियों के ग्रेच्युटी लाभ को बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने की मांग भी रखी गई है। संगठनों के अनुसार, वेतन एवं सेवा शर्तों से संबंधित अन्य वित्तीय और गैर-वित्तीय मांगों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। संगठन ने इन मांगों को कर्मचारियों के हितों से जुड़ा बताते हुए विभाग और बैंक प्रबंधन से वार्ता के माध्यम से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है।

संगठन की ओर से तैयार 17वें वेतन समझौते का मांग-पत्र एक लघु पुस्तिका के रूप में तैयार किया गया है। इसे पांच खंडों और 10 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इस पुस्तिका का प्रारूप संगठन की ओर से नियुक्त राज्य प्रतिनिधि, संयोजक एवं 17वें वेतन समझौते के मांग-पत्र ड्राफ्ट के नोडल अधिकारी रामरूप मीणा, सीनियर मैनेजर, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक बारां ने तैयार किया है। इसमें संगठन के सदस्यों एवं प्रतिनिधियों से मिले सुझावों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई है।

12 सितंबर को हुआ था पुस्तिका का विमोचन

इस मांग-पत्र पुस्तिका का हाल ही में 12 सितंबर 2026 को कोटा के श्रीनाथपुरम में विमोचन किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल इंडिया कॉपरेटिव बैंक एम्प्लाइज ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े राष्ट्र स्तरीय पदाधिकारी नागेंद्र सिंह ने की थी। संगठन के अनुसार, पुस्तिका में सहकारी बैंक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को व्यवस्थित और तर्कसंगत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, ताकि विभागीय स्तर पर होने वाली वार्ता में इन्हें प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

प्रांतीय महासचिव कल्याण सिंह चौहान ने बैंक प्रबंधन और संबंधित विभाग से 17वें वेतन समझौते को 31 दिसंबर 2026 तक लागू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 से देय लाभों के लंबित रहने के कारण कर्मचारियों को अपेक्षित वित्तीय लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। मांग-पत्र सौंपे जाने के दौरान एसके राठौड़, अशोक माहेश्वरी, रामचरण वर्मा, शिवचरण सिंह गुर्जर और सुरेंद्र सिंह राठौड़ सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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