Operation Chakravyuh: हनुमानगढ़ में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह'! प्रतिबंधित दवाओं और डोडा-पोस्त के साथ 2 गिरफ्तार
चक्रव्यूह ऑपरेशन के तहत नोहर थाना पुलिस की कार्रवाई
टैपेंटाडोल और प्रेगाबलिन कैप्सूल बरामद, 85270 रुपए की बिक्री राशि भी मिली
Operation Chakravyuh: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। नोहर थाना पुलिस ने चक्रव्यूह ऑपरेशन के तहत कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 900 टैपेंटाडोल टैबलेट, 1395 प्रेगाबलिन कैप्सूल और बिक्री से प्राप्त 85270 रुपए बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, नोहर थाना के सहायक उपनिरीक्षक रविन्द्र मीणा के नेतृत्व में टीम कस्बे में गश्त कर रही थी। शाम करीब 3.55 बजे टैगोर चौक से भगत सिंह चौक के बीच एक व्यक्ति सफेद पॉलीथिन लेकर खड़ा दिखाई दिया। पुलिस वाहन को देखकर वह पास की बंद दुकान के आगे रखे काउंटरों के पीछे छिपने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। उसकी पहचान दीन मोहम्मद (48) पुत्र यासीन खां निवासी वार्ड नंबर 32, नोहर के रूप में हुई।
पुलिस ने दीन मोहम्मद के कब्जे में मौजूद सफेद पॉलीथिन की तलाशी ली तो उसमें टैपेंटाडोल हाइड्रोक्लोराइड 100 एमजी की तीन पेटियां, प्रेगाबालिन 300 एमजी की चार पेटियां और 13 पत्ते मिले। जांच करने पर टैपेंटाडोल की तीन पेटियों में कुल 900 टैबलेट तथा प्रेगाबालिन की चार पेटियों और 13 अलग पत्तों में कुल 1395 कैप्सूल पाए गए। पॉलीथिन से 40270 रुपए भी मिले। इसके अलावा दीन मोहम्मद की तलाशी में लोअर की जेब से 45 हजार रुपए और एक कीपैड मोबाइल बरामद हुआ।
कुल 85270 रुपए के संबंध में पूछताछ करने पर उसने इन्हें प्रेगाबालिन कैप्सूल और टैपेंटाडोल टैबलेट की बिक्री से प्राप्त राशि बताया। पुलिस के अनुसार, दीन मोहम्मद से उक्त दवाओं को रखने के लिए लाइसेंस, परमिट अथवा चिकित्सक की पर्ची मांगी गई, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं था। जिला कलक्टर हनुमानगढ़ के 14 अगस्त 2026 के आदेश के तहत इन दवाओं की जिले में खुली और अनियंत्रित बिक्री प्रतिबंधित है।
पुलिस ने दवाओं और बिक्री राशि को जब्त कर लिया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत दर्ज किया गया है। दीन मोहम्मद को गिरफ्तार कर अनुसंधान सहायक उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद को सौंपा गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक उपनिरीक्षक रविन्द्र मीणा, कांस्टेबल त्रिलोकाराम और रामहरि शामिल रहे।
870 ग्राम डोडा-पोस्त और 800 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद
हनुमानगढ़। संगरिया थाना पुलिस ने चक्रव्यूह ऑपरेशन के तहत कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 870 ग्राम डोडा-पोस्त और 800 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट व भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, संगरिया थाना के उपनिरीक्षक हरबंशलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम फतेहपुर, इन्द्रपुरा, सिंहपुरा, शाहपीनी, अमरपुरा जालू खाट आदि क्षेत्रों में गश्त कर रही थी। दोपहर करीब 1.10 बजे टीम मोरजंड सिखान से जंडवाला सिखान की ओर जाने वाली सड़क पर एएमपी नहर की पुलिया के पास पहुंची। वहां नहर के पटड़े पर नीम की छाया में एक विकलांग व्यक्ति हाथ में प्लास्टिक थैला और लाठी लिए खड़ा दिखाई दिया।
चक्रव्यूह ऑपरेशन के तहत संगरिया थाना पुलिस की कार्रवाई
पुलिस टीम को देखकर वह खेतों की तरफ जाने लगा और थैला छिपाने का प्रयास करने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। उसकी पहचान हरमेश सिंह (37) पुत्र जगरूप सिंह निवासी वार्ड नंबर 6, मोरजंड सिखान के रूप में हुई। पुलिस ने थैले की तलाशी ली तो उसके अंदर काले रंग की प्लास्टिक थैली मिली, जिसमें हल्के भूरे रंग का छिलका नुमा पदार्थ था।
पुलिस के अनुसार जांच और पहचान के बाद इसे डोडा-पोस्त बताया गया। तौल करने पर प्लास्टिक थैली सहित डोडा-पोस्त का वजन 870 ग्राम पाया गया। इसके अलावा हरे रंग के थैले में प्रेगाबालिन 300 एमजी के 800 कैप्सूल मिले। पुलिस के अनुसार ये कैप्सूल 80 पत्तों में थे और प्रत्येक पत्ते में 10 कैप्सूल थे। आरोपी से कैप्सूल रखने का लाइसेंस, परमिट या चिकित्सक की पर्ची मांगी गई, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस ने कैप्सूल को भी जब्त कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को डोडा-पोस्त इन्द्रगढ़ निवासी हरजिंद्र सिंह उर्फ कालू से खरीदना तथा प्रेगाबालिन कैप्सूल अबोहर निवासी गगनदीप सिंह की ओर से दिए जाना बताया। पुलिस ने आरोपी हरमेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बरामद डोडा-पोस्त के संबंध में एनडीपीएस एक्ट तथा प्रेगाबालिन कैप्सूल के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच ढाबां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद को सौंपी गई है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरबंशलाल, हेड कांस्टेबल महंगासिंह और प्रदीप काल्वी शामिल रहे।