Gardening Tips: घर के गमले में उगाएं मीठे अंगूर, बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं; जानें आसान तरीका
घर के गमले में उगाएं मीठे अंगूर, बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं; जानें आसान तरीका
Gardening Tips:आजकल फल खरीदते समय लोग उनकी गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों को लेकर अक्सर चिंतित रहते हैं। ऊपर से बाजार में फलों के बढ़ते दाम जेब पर भी भारी पड़ते हैं। ऐसे में अगर घर के किचन गार्डन में ही ताजे और स्वादिष्ट अंगूर उग जाएं तो इससे बेहतर क्या होगा।
कई लोगों को लगता है कि अंगूर जैसी बेल वाली फसल केवल बड़े खेतों या अंगूर के बागों में ही उगाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है। थोड़ी सही जानकारी और नियमित देखभाल के साथ आप अंगूर की बेल को बड़े गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं। खास बात यह है कि घर पर उगाए गए फलों की देखभाल आप अपनी पसंद के अनुसार कर सकते हैं।
बड़े गमले से करें शुरुआत
घर में अंगूर उगाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चुनाव करना जरूरी है। अंगूर की बेल की जड़ें फैलती हैं, इसलिए कम से कम 15 से 20 इंच या इससे बड़ा गमला लेना बेहतर रहता है। गमले के नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकलता रहे और जड़ों में पानी जमा होकर उन्हें नुकसान न पहुंचाए।
ऐसी तैयार करें मिट्टी
अंगूर के पौधे के लिए मिट्टी भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। सामान्य मिट्टी में गोबर की अच्छी तरह सड़ी खाद, रेत और थोड़ी नीम खली मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इससे मिट्टी में जैविक पोषण बढ़ता है और पानी के निकास में भी मदद मिलती है।
गमले में मिट्टी भरते समय उसे बहुत ज्यादा दबाकर न भरें। मिट्टी हल्की और हवा का संचार करने वाली रहे तो जड़ों के विकास के लिए बेहतर परिस्थितियां बनती हैं।
बीज नहीं, पौधे या कटिंग से करें रोपाई
अगर आप जल्दी फल पाने की उम्मीद कर रहे हैं तो अंगूर को बीज से लगाने के बजाय अच्छी नर्सरी से स्वस्थ ग्राफ्टेड पौधा लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। बीज से तैयार पौधे को फल देने में काफी समय लग सकता है और उसके गुण भी हमेशा मूल पौधे जैसे नहीं होते।
कटिंग से पौधा तैयार करने के लिए स्वस्थ बेल की करीब 6 से 8 इंच लंबी, पेंसिल जितनी मोटी टहनी ली जा सकती है। इसे उपयुक्त तरीके से मिट्टी में लगाने के बाद नमी और रोशनी का ध्यान रखना जरूरी है।
पौधे को गमले के बीच में लगाएं और रोपाई के बाद हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी जड़ों के आसपास अच्छी तरह बैठ जाए।
अंगूर के लिए धूप है बेहद जरूरी
गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना करीब 5 से 6 घंटे या उससे अधिक सीधी धूप मिल सके। अंगूर की बेल के अच्छे विकास और फल की गुणवत्ता के लिए पर्याप्त रोशनी बेहद जरूरी है।
अगर पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलेगी तो बेल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और फल अच्छी तरह विकसित नहीं हो पाएंगे। इसलिए बालकनी, छत या ऐसे स्थान का चुनाव करें जहां पर्याप्त धूप आती हो।
बेल को चढ़ने के लिए दें मजबूत सहारा
अंगूर एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसके लिए मजबूत सहारे की जरूरत होती है। गमले के पास बांस, लोहे की जाली या छोटा मचान लगाया जा सकता है। जैसे-जैसे बेल बढ़े, उसकी शाखाओं को सहारे पर सही दिशा में फैलाते जाएं।
इससे बेल को पर्याप्त जगह मिलेगी और बाद में अंगूर के गुच्छों को संभालना भी आसान रहेगा।
पानी देते समय रखें खास ध्यान
अंगूर के पौधे को पानी की जरूरत मौसम, गमले और मिट्टी की स्थिति के हिसाब से बदलती रहती है। गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी डाल दिया जाए।
ऊपरी मिट्टी सूखी महसूस होने पर पानी दें और यह जरूर सुनिश्चित करें कि गमले में पानी जमा न हो। जलभराव से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
खाद और छंटाई भी जरूरी
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर जैविक खाद दी जा सकती है। नीम खली या अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद का इस्तेमाल पौधे की जरूरत के अनुसार करें।
बेल में सूखी, कमजोर या अनावश्यक टहनियों को समय-समय पर हटाते रहें। सही छंटाई से पौधे को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है और नई शाखाओं के विकास के लिए जगह बनती है।
थोड़ी मेहनत से घर में मिलेगा ताजा अंगूर
अगर आपके पास बड़ा खेत या बगीचा नहीं है तो भी अंगूर उगाने का सपना पूरा किया जा सकता है। सही आकार का गमला, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप, मजबूत सहारा और नियमित देखभाल के साथ छत या बालकनी के किचन गार्डन में अंगूर की बेल तैयार की जा सकती है।
हालांकि फल आने का समय किस्म, पौधे की उम्र, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। इसलिए शुरुआत से ही धैर्य रखें और पौधे की जरूरत के मुताबिक उसकी देखभाल करें।