Barrier-Free Toll Plaza: मार्च 2027 तक टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री, नहीं रुकेंगे वाहन, जानें कैसे काम करेगा नया MLFF सिस्टम

मार्च 2027 तक टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री, नहीं रुकेंगे वाहन, जानें कैसे काम करेगा नया MLFF सिस्टम

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Barrier-Free Toll Plaza: नई दिल्ली। देशभर के हाईवे पर टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और वाहनों के रुकने की समस्या जल्द ही खत्म हो सकती है। केंद्र सरकार टोल वसूली की मौजूदा व्यवस्था को बदलकर Multi-Lane Free Flow (MLFF) सिस्टम को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि सरकार का लक्ष्य फरवरी-मार्च 2027 तक देश के सभी टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने का है।

कई टोल प्लाजा पर शुरू हो चुका MLFF सिस्टम | Barrier-Free Toll Plaza

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2026 में देश के कई टोल प्लाजा पर MLFF यानी बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम की शुरुआत की जा चुकी है। देश का पहला MLFF सिस्टम गुजरात में NH-48 के चोरायासी टोल प्लाजा पर मई 2026 में शुरू किया गया था।

इसके बाद दिल्ली-जयपुर सेक्शन के दौलतपुरा, मनोहरपुरा और शाहजहांपुर टोल प्लाजा को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया। इसके अलावा हरियाणा के घरौंडा टोल प्लाजा तथा दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला क्षेत्र में भी बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू किया जा चुका है।

दिसंबर 2026 तक 60-70 फीसदी काम पूरा करने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, सरकार MLFF सिस्टम के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। अधिकारियों को दिसंबर 2026 तक परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। उम्मीद है कि दिसंबर तक करीब 60 से 70 फीसदी काम पूरा हो जाएगा।

इसके बाद फरवरी-मार्च 2027 तक देशभर के टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यानी आने वाले समय में टोल प्लाजा पर वाहनों को बैरियर के सामने रुककर टोल देने की मौजूदा व्यवस्था खत्म होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।

क्या है MLFF सिस्टम और कैसे करेगा काम?

Multi-Lane Free Flow (MLFF) एक ऐसा टोलिंग सिस्टम है, जिसमें वाहन को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती। हाईवे पर लगे कैमरे और सेंसर चलते हुए वाहनों की पहचान करते हैं। इसके लिए FASTag और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

इस व्यवस्था में वाहन निर्धारित लेन से गुजरता रहता है और तकनीक के जरिए उसकी पहचान तथा टोल शुल्क की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इससे टोल प्लाजा पर बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

FASTag के बाद अब Zero Stoppage की तैयारी

नितिन गडकरी के मुताबिक, FASTag लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों के प्रतीक्षा समय में करीब 80-90 फीसदी तक सुधार हुआ है। अब सरकार टोलिंग सिस्टम को अगले स्तर पर ले जाते हुए Zero Stoppage की दिशा में आगे बढ़ रही है।

MLFF सिस्टम के पूरी तरह लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी घट सकता है।

वाहन चालकों को क्या होगा फायदा?

बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने से वाहन चालकों को कई फायदे मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लंबी कतारों और जाम से राहत मिल सकती है।

इसके अलावा वाहनों के बार-बार ब्रेक लगाने और दोबारा गति पकड़ने में खर्च होने वाले ईंधन की भी बचत होगी। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए टोल वसूली को तेज, सुविधाजनक और ज्यादा प्रभावी बनाना है।

अगर सरकार की योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो मार्च 2027 तक देश के टोल प्लाजा की तस्वीर काफी बदल सकती है और बैरियर के सामने रुककर टोल देने की मौजूदा व्यवस्था अतीत की बात बन सकती है।

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