ईस्टर्न पेरीफेरल पर मौत का कहर, 12 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत
गोगामेड़ी से बदायूं लौट रही 32 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलटी, 21 श्रद्धालु घायल
बागपत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baghpat News: बड़ागांव के पास ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर देर रात श्रद्धालुओं से भरी पिकअप के भीषण हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए। राजस्थान के गोगामेड़ी यानी बागड़ धाम से दर्शन कर बदायूं लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए और एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
32 श्रद्धालुओं से भरी थी पिकअप, डिवाइडर से टकराकर पलटी
हादसा खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र में बड़ागांव और बसी के बीच हुआ। पिकअप संख्या UP-24 AT-1819 में 32 श्रद्धालु सवार थे। सभी बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र के अल्हापुर गांव के रहने वाले बताए गए हैं और राजस्थान के गोगामेड़ी से दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। रात करीब साढ़े 12 बजे के बाद पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। पुलिस के अनुसार हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। चालक की ओर से पीछे से किसी वाहन की टक्कर लगने की बात भी बताई गई है।
छह ने मौके पर तोड़ा दम, छह की उपचार के दौरान मौत
हादसे के बाद छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 27 लोग घायल हुए थे। घायलों को खेकड़ा सीएचसी, बागपत जिला अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल कॉलेज और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। मेरठ में उपचार के दौरान छह और घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। अब 21 घायलों का उपचार चल रहा है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से बंदायु में मातम
हादसे में बदायूं के अल्हापुर गांव के एक ही परिवार के साधु सिंह यादव, उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे भाई प्रेम सिंह की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि साधु सिंह लंबे समय से छोटे बेटे के घर पुत्र जन्म की इच्छा रखते थे। हादसे वाली रात ही उनके घर पोते का जन्म हुआ, लेकिन जिस समय परिवार में खुशी की खबर पहुंची, उसी समय हादसे में साधु सिंह की मौत हो चुकी थी। हादसे से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
‘पता नहीं कब जिंदगी खत्म हो जाए...’ बेटी से कही थी आखिरी बात
हादसे से पहले साधु सिंह अपनी बेटी बीना को भी यात्रा पर साथ चलने के लिए कह रहे थे। बताया गया कि उन्होंने बेटी से कहा था कि वह सांस के मरीज हैं और पता नहीं कब जिंदगी खत्म हो जाए। बेटी साथ नहीं जा सकी। उनकी पत्नी मुन्नी देवी भी यात्रा पर जाने के पक्ष में नहीं थीं, लेकिन साधु सिंह उन्हें अपने साथ ले गए। किसी ने नहीं सोचा था कि गोगामेड़ी की यह यात्रा परिवार के तीन सदस्यों के लिए आखिरी सफर बन जाएगी।
घायलों को रातभर अस्पताल पहुंचाते रहे पुलिसकर्मी और राहगीर
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। पिकअप के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिस के साथ राहगीर भी जुट गए। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए मेरठ और दिल्ली रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकांश श्रद्धालु रात में वाहन में आराम कर रहे थे। अचानक तेज आवाज हुई और कुछ ही पल में पिकअप पलट गई। कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सीएम योगी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।