न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए उठाया वेतन!
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी पर पद के दुरुपयोग और राजकोष को नुकसान पहुंचाने का आरोप
हनुमानगढ़। न्यायिक अभिरक्षा में रहने के दौरान उपस्थिति पंजिका में मेडिकल अवकाश दर्ज कर पूरा मासिक वेतन उठाने तथा पद का दुरुपयोग कर राजकोष को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। गोगामेड़ी पशु चिकित्सालय में एसएल पद पर कार्यरत गांव मुंसरी निवासी संतोष (30) पत्नी विजय जाट ने गोगामेड़ी पुलिस थाना में शिकायत देकर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गोगामेड़ी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी रिपोर्ट में संतोष ने बताया कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पुत्र अमर सिंह निवासी निनाण, वर्तमान में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी गोगामेड़ी के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ महिला उत्पीड़न का मामला गोगामेड़ी पुलिस थाना में 20 जुलाई 2026 को दर्ज करवाया गया था।
मामले की जांच के बाद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को महिला उत्पीड़न के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने पर 23 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया तथा अगले दिन 24 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए उनका सरकारी अस्पताल गोगामेड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण में उन्हें स्वस्थ एवं फिट बताया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बावजूद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय की कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में 22 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक मेडिकल अवकाश दर्ज किया।
इस प्रविष्टि के आधार पर दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पूरे माह का वेतन उठाया। इस कृत्य से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को अनुचित आर्थिक लाभ हुआ और राजकोष को अनुचित आर्थिक नुकसान पहुंचा। परिवादिया ने मामले में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका असल दस्तावेज के रूप में उपयोग करने सहित पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक भूपसिंह को सौंपी है।