'गौरवोत्सव' में 1500 से अधिक प्रतिभाओं का सम्मान
मेधावी विद्यार्थियों, सरकारी नौकरी में चयनित युवाओं और शिक्षकों को मिला सम्मान
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के तत्वावधान में छात्र कल्याण क्लब स्पंदन के अंतर्गत संचालित सद्भाव क्लब के संयोजन में गौरवोत्सव प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 का आयोजन जैसलमेर स्थित भगवान महावीर तीर्थ उत्कर्ष भवन में हुआ। समारोह में दसवीं, बारहवीं और स्नातक स्तर पर 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 1500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा वर्ष 2025 में सरकारी नौकरी में चयनित युवाओं तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय एवं सैनिक स्कूल हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में पिछले कई वर्षांे से इस तरह के प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय बच्चों ने भाषण एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। वक्ताओं ने शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण के महत्व पर जोर दिया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि सफलता केवल अच्छे अंक हासिल करने से नहीं मिलती, बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और निरंतर परिश्रम सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, जंक फूड से दूरी रखने और संतुलित खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने बताया कि वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जिनमें विदेशी विद्यार्थी भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने योग के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कृषि मेला भी आयोजित किया गया। खेलों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का सशक्त आधार है। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि प्रतिभाओं को समय पर पहचान और उचित मंच मिलना बेहद आवश्यक है। गौरवोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देते हैं। आज के विद्यार्थी ही देश और समाज का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने की पहल की सराहना
समारोह में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मनीष दवे, किशन लाल जाखड़, गोविंद नारायण विजय, बिशन सिंह राठौड़, सीआई प्रेमाराम, बलराम यादव, मदन बिश्नोई तथा बीएसएफ से सुनील कुमार सहित अनेक शिक्षाविद्, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रतिभाओं को सम्मानित करने की विश्वविद्यालय की पहल की सराहना की। कार्यक्रम के आयोजन में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विभूति नारायण, डॉ. अभिषेक संचोरा, सुनील बिरट, पवन स्वामी, चंद्रपाल वर्मा, सुनील लिम्बा, अरविंद धामू, संदीप, आरिफ, सलीम, अनमोल, हितेश स्वामी, ज्ञान प्रकाश, संजीव बिरट एवं प्रदीप सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। मंच संचालन अनिल जिज्ञासु ने किया।