32 साल बाद सामने आई वसीयत, जमीन हड़पने की कोशिश!

मृतक के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर वसीयत तैयार करने का आरोप

Published On

हनुमानगढ़। करीब 32 वर्ष पहले निधन हो चुके व्यक्ति के नाम से फर्जी व कूटरचित वसीयत तैयार कर उसकी कृषि भूमि हड़पने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। इस्तगासा के आधार पर टाउन पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सुमित्रा देवी (64) पत्नी बेगराज ब्राह्मण निवासी चक 13 एनडीआर, नौरंगदेसर की शिकायत के अनुसार, चक नंबर 20 एचएमएच में कुल 5.566 हेक्टेयर कृषि भूमि नत्थूराम पुत्र रामकिशन के नाम दर्ज थी।

नत्थूराम की मृत्यु 27 मई 1992 को हो चुकी थी। वह अविवाहित थे। उनकी मृत्यु के बाद भूमि उनकी माता परमेश्वरी देवी के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुई। परमेश्वरी देवी की मृत्यु 5 जुलाई 2001 को होने के बाद उक्त भूमि उनके सात वारिसों-चार पुत्रों जगदीश प्रसाद, हनुमान प्रसाद, द्वारका प्रसाद व मदनलाल तथा तीन पुत्रियों सुमित्रा देवी, नोजा देवी व कौशल्या देवी के नाम बराबर 1/7-1/7 हिस्से में दर्ज हुई। सभी वारिस अपने-अपने हिस्से की संयुक्त कृषि भूमि पर कब्जा काश्त में हैं। सु

मित्रा देवी ने आरोप लगाया कि उनके भाई जगदीश प्रसाद के पुत्र सुभाष चन्द्र ने 28 जून 2024 को सहायक कलक्टर हनुमानगढ़ के समक्ष राजस्व वाद दायर किया। इसमें सुभाष चन्द्र ने दावा किया कि नत्थूराम ने 27 दिसंबर 1985 को उसके पक्ष में वसीयत की थी। नत्थूराम की मृत्यु के करीब 32 वर्ष बाद इस वसीयत को सामने लाकर राजस्व न्यायालय में पेश किया गया। भूमि हड़पने के उद्देश्य से नत्थूराम के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर उसके हस्ताक्षर करवाए गए और फर्जी व कृटरचित वसीयत तैयार की गई। वसीयत पर नत्थूराम के नाम से किए गए हस्ताक्षरों की उनके प्रमाणित हस्ताक्षरों से हस्तलिपि विशेषज्ञ के माध्यम से जांच करवाई गई।

विशेषज्ञ ने बताया कि 27 दिसंबर 1985 की वसीयत पर किए गए हस्ताक्षर नत्थूराम के प्रमाणित हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते और फर्जी हैं। शिकायत में वसीयत के गवाह बताए गए हेतराम पुत्र रेडाराम निवासी 4 पीएसडी, तहसील घड़साना तथा जगदीश राम पुत्र बनवारीलाल निवासी रावला मंडी के साथ कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही वसीयत के कातिब और अन्य आरोपियों को भी मामले में शामिल बताया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पहले उसने अपने पुत्र लीलाधर सिंह तथा हरदीप सिंह निवासी रामसरा नारायण को साथ लेकर गांव रामसरा नारायण में सुभाष चन्द्र व जगदीश प्रसाद से पंचायत की।

पंचायत के दौरान दोनों ने वसीयत के आधार पर जमीन लेने की बात कही तथा वसीयत तैयार कर अदालत में पेश करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने यह भी कहा कि वसीयत के आधार पर वे जमीन लेकर रहेंगे। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासा पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत अपराध बनना पाए जाने पर मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच उप निरीक्षक सुशील कुमार को सौंपी गई है। पुलिस की ओर से मामले में कथित वसीयत, हस्ताक्षरों तथा राजस्व रिकॉर्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

About The Author

Related Posts