गौसेवा की मिसाल बना कस्वां परिवार, 20 लाख से बने दो शेडों का लोकार्पण

मल्लूराम कस्वां की स्मृति में सेवा का संकल्प, श्री कृष्ण गो संवर्धन केन्द्र में 750 गोवंश को मिल रहा आश्रय

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हनुमानगढ़। श्री कृष्ण गो संवर्धन केन्द्र गौशाला पक्का सहारणा में भामाशाह मल्लूराम कस्वां की स्मृति में कस्वां परिवार की ओर से करीब 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित दो नवनिर्मित शेडों का लोकार्पण शनिवार को समारोहपूर्वक हुआ। इस सेवा कार्य में रमेश कस्वां एवं सलिल कस्वां सहित कस्वां परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिवार की इस पहल को मौजूद लोगों ने गौसेवा, जीव-जंतु कल्याण और सामाजिक सरोकार की दिशा में प्रेरणादायी कदम बताया।

लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि एसपीसीए के कार्यकारी सचिव एवं भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, भारत सरकार के विशेष प्रशिक्षक दलीप वर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि त्रिलोक सहारण ने की। मुख्य अतिथि दलीप वर्मा ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति के साथ-साथ जीव-जंतु संरक्षण की महत्वपूर्ण परंपरा है। गौशालाएं केवल गोवंश को आश्रय देने का केन्द्र नहीं, बल्कि सेवा, कल्याण और सामाजिक संवेदना का माध्यम भी हैं।

वर्मा ने नियमित अनुदान, शेल्टर हाउस निर्माण, घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार, एम्बुलेंस सुविधा तथा आपदा के समय मिलने वाली वित्तीय सहायता सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस गौशाला को भारत सरकार की ओर से शेल्टर हाउस और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोवंश के लिए बेहतर आवास, स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त चारा-पानी और समय पर उपचार की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

मल्लूराम कस्वां की स्मृति में कस्वां परिवार की ओर से किए गए सेवा कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सेवा, संवेदना और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं। श्री कृष्ण गो संवर्धन केन्द्र के अध्यक्ष गोविंद तायल ने बताया कि वर्तमान में यहां करीब 750 गोवंश को संरक्षण एवं आश्रय प्रदान किया जा रहा है। छोटे-बड़े गोवंश के लिए अलग-अलग शेड बनाए गए हैं, जबकि घायल एवं बीमार गोवंश की देखभाल के लिए अलग शरणगृह की व्यवस्था है।

गौशाला प्रबंधक राजेश जांगू ने बताया कि गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौशाला में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि गौसेवा के कार्य में प्रतिदिन करीब 15 से 20 स्वयंसेवक अपनी सेवाएं देते हैं। घायल एवं बीमार गोवंश की देखभाल के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इस मौके पर कस्वां परिवार के रमेश कस्वां, सलिल कस्वां, रणवीर कस्वां, रजत कस्वां, मनीराम सहारण, गोसेवक सुनील पारीक, पक्का भादवां गौशाला अध्यक्ष सुल्तान राम झींझा, कोषाध्यक्ष खेतपाल टांडा, पूर्व गौशाला अध्यक्ष विनोद सहारण, गोसेवक मलकीत सिंह धालीवाल, सत्यनारायण सहारण, मदन सहारण मौजूद रहे।

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