प्लॉट की रजिस्ट्री के नाम पर 9.40 लाख रुपए की ठगी का आरोप
इकरारनामा कराने के बाद रजिस्ट्री टालता रहा आरोपी, रकम मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
हनुमानगढ़। प्लॉट खरीदने के नाम पर 9 लाख 40 हजार रुपए लेने और बाद में रजिस्ट्री नहीं करवाने के आरोप में टाउन थाना पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के बजाय रकम हड़प ली तथा पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस के अनुसार इस्तगासा सोनू कुमार (39) पुत्र कृष्णलाल कुम्हार निवासी वार्ड नंबर 1, रामसरा नारायण, चक 19 एचएमएच की ओर से न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में प्रस्तुत किया गया था। इस्तगासे में आरोपी सुनील पुत्र पुखराज मेघवाल निवासी मेघवालों का बास, बढ़ाणा जिला नागौर हाल ढिल्लों ईंट उद्योग, गांव गंगागढ़, पंचायत श्रीनगर, हनुमानगढ़ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस्तगासे के अनुसार शिकायतकर्ता की आरोपी से पुरानी जान-पहचान थी।
आरोपी ने उसे बताया कि एमकेके एन्क्लेव कॉलोनी में प्लॉट नंबर 205 व 206 उसके पास बेचने के अधिकार हैं। दोनों प्लॉटों का आकार 25 गुणा 45 फीट बताया गया। दोनों पक्षों के बीच कुल 13 लाख 40 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 14 जुलाई 2025 को आरोपी को 9 लाख 40 हजार रुपए नकद पेशगी के रूप में दिए। इसी दिन दोनों प्लॉटों का इकरारनामा तैयार करवाकर नोटरी पब्लिक से अटेस्ट करवाया गया।
इकरारनामे के अनुसार शेष 4 लाख रुपए छह माह बाद 14 जनवरी 2026 को फाइनल बैनामे के समय देने थे और पूरी रकम मिलने पर प्लॉटों की रजिस्ट्री शिकायतकर्ता के नाम करवानी थी। रजिस्ट्री की निर्धारित तारीख से दो-तीन दिन पहले आरोपी ने एमकेके एन्क्लेव के मालिक कमलदीप के साथ विवाद होने की बात कहते हुए कुछ समय मांगा। पुरानी जान-पहचान के चलते शिकायतकर्ता ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया। इसके बाद आरोपी करीब दो माह तक रजिस्ट्री के लिए टालमटोल करता रहा।
आरोपी ने 1 जून 2026 को शिकायतकर्ता की रकम वापस करने की बात कही, लेकिन रकम वापस नहीं की। 29 जून को संपर्क होने पर आरोपी ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने और न ही 9 लाख 40 हजार रुपए लौटाने की बात कही तथा धमकी दी कि दोबारा फोन या आमने-सामने संपर्क करने पर जान से मार देगा। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर इस्तगासे के आधार पर बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाशचंद को सौंप दी है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।