Fraud Alert: वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बेरोजगार युवक से ठगी
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बनाया झांसे में, खाते में हुआ 43 लाख रुपए का लेनदेन
हनुमानगढ़। वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन बिजनेस का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड लेने के बाद उसके नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसमें लाखों रुपए का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। संगरिया थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो नामजद आरोपियों सहित तीन-चार अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और दस्तावेजों के दुरुपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Hanumangarh News
पुलिस के अनुसार, न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संगरिया से डाक के माध्यम से परिवाद प्राप्त हुआ। परिवाद रतनपुरा निवासी सुमित (20) पुत्र रायसाहब सुथार ने प्रस्तुत किया था। परिवादी ने आरोप लगाया कि वह बेरोजगार है और पढ़ाई के साथ रोजगार की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसने सोशल मीडिया पर विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की घर बैठे मैन्युफैक्चरिंग और पैकिंग का काम देने संबंधी पोस्ट देखी।
पोस्ट से जुड़ने के बाद जून 2024 में जोधपुर निवासी कैलाश बिश्नोई ने उससे संपर्क किया और ऑनलाइन बिजनेस वर्क फ्रॉम होम के नाम पर काम दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि कैलाश ने सुमित से कहा कि कंपनी उसकी आईडी बनाएगी और काम के बदले उसके बैंक खाते में रुपए आएंगे। आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड की जरूरत बताई गई। साथ ही बार-बार ओटीपी लेने से बचने के लिए उसके नाम से सिम कार्ड जारी करवाकर देने को कहा गया। कैलाश ने बताया कि कंपनी की प्रतिनिधि नेहा बंसल उसके पास आएगी, जिसे दस्तावेज सौंपने हैं। Hanumangarh News
परिवादी के अनुसार, वह आरोपियों की बातों में आ गया और नेहा बंसल को अपना सिम कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड दे दिया। करीब पांच दिन बाद कैलाश ने उससे 10 हजार रुपए जमा कराने को कहा। रुपए जमा करने से इनकार करने पर आरोपियों ने कहा कि पैसे नहीं डालने पर उसकी आईडी में कोई काम नहीं आएगा। इसके बाद परिवादी ने आरोपियों के लिए कोई कार्य नहीं किया। कुछ समय बाद सुमित को श्रीगंगानगर साइबर पुलिस थाने से नोटिस मिला। उसे बताया गया कि उसके बैंक खाते में अत्यधिक लेनदेन हुआ है। इसके बाद उसे पता चला कि आरोपियों ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सिटी यूनियन बैंक, श्रीगंगानगर शाखा में उसके नाम से खाता खुलवाया।
उक्त खाते में करीब 43 लाख रुपए का लेनदेन हुआ, जिसकी जानकारी सुमित को नहीं थी। सुमित ने आरोप लगाया कि कैलाश बिश्नोई और नेहा बंसल ने धोखाधड़ी के उद्देश्य से उसके दस्तावेज हासिल किए और उनका गलत इस्तेमाल कर बैंक खाता खुलवाया। न्यायालय से प्राप्त परिवाद के आधार पर संगरिया थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच सहायक उपनिरीक्षक श्रवण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब बैंक खाते, दस्तावेजों, मोबाइल नंबरों और कथित लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर आरोपियों की भूमिका का पता लगाएगी। Hanumangarh News