Sangaria News: भावुक हुए परिजन बोले धन्य हैं गुरु जी व उनके अनुयायी

डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने आधे घंटे में ढूंढ निकाले गुमशुदा प्रिंस के परिजन

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Insaniyat Campaign: संगरिया, (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए एक मानसिक रूप से विक्षिप्त गुमशुदा युवक को मात्र आधे घंटे में उसके परिवार से मिला दिया। बेटा सही-सलामत मिलने पर परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने सेवादारों व पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का आभार जताया। जानकारी के अनुसार, संगरिया ब्लॉक के गांव मोरजंड निवासी सेवादार गुरप्रीत इन्सां सेवा कार्य के लिए सरसा दरबार गए हुए थे। Sangaria News

वहां उन्हें एक 18 वर्षीय युवक मिला। पूछने पर युवक ने अपना नाम प्रिंस निवासी बरसत (घरौंदा, हरियाणा) बताया। युवक की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह काफी घबराया हुआ था। गुरप्रीत इन्सां ने तुरंत इसकी सूचना शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी संगरिया के जिम्मेवार लाल चंद इन्सां को दी। लाल चंद ने सेवादार ट्विंकल इन्सां को मौके पर भेजा। 

ट्विंकल इन्सां ने प्रिंस को संभाला और उसे अपने घर ले गए और सार-संभाल की। परिजनों की तलाश के लिए सच्चे नम्र सेवादार रामफल इन्सां से संपर्क किया गया। सेवादारों के आपसी तालमेल और प्रयासों से मात्र आधे घंटे के भीतर ही प्रिंस के परिजनों का पता लगा लिया गया। इसके बाद सेवादारों ने कानूनी प्रक्रिया के बाद प्रिंस को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। इस सेवा कार्य के दौरान ट्विंकल इन्सां, गुरप्रीत इन्सां, लाल चंद इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार रणवीर इन्सां, प्रेमी सेवक जसविंदर इन्सां, पवन इन्सां, हरचंद इन्सां, ब्रिज लाल इन्सां, सुभाष इन्सां, विजय इन्सां, मलकीत इन्सां, अजीत सिंह इन्सां, भागीरथ इन्सां और सुरेन्द्र जग्गा इन्सां सहित अनेक सेवादार मौजूद रहे। Sangaria News

परिजनों ने पूज्य गुरुजी व सेवादारों का जताया आभार

फोन पर संपर्क होने पर प्रिंस के पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि वह एक दिन पहले अपने साथियों के साथ सरसा गया था, जहां वह अचानक बिछुड़ गया। जैसे ही उन्हें प्रिंस के सुरक्षित होने की खबर मिली, परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खबर मिलते ही पिता महेंद्र सिंह अपने गांव बरसत (करनाल, हरियाणा) से तुरंत सरसा के लिए रवाना हो गए। सरसा पहुंचकर जब उन्होंने अपने बेटे को सही-सलामत देखा, तो उनकी आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने सेवादारों और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का धन्यवाद किया। Sangaria News

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