हथिनीकुंड में 2 जवान लापता, सेना ने तेज किया सर्च अभियान
यमुना में बोट हादसा, 2 जवान लापता; सर्च ऑपरेशन तेज
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर अभ्यास के दौरान यमुना में बोट डूबने से लापता दो जवानों की तलाश तेज कर दी गई है। अब 15 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च अभियान चल रहा है। 10 से ज्यादा जगह सेना की टीमें झाल (पानी की गति कम करने वाले पॉइंट) पर निगरानी कर रही हैं। दो हेलिकॉप्टर भी सर्च में जुटे हैं। जवानों के पैरों में लगे ट्रैकर से फिलहाल कोई सिग्नल नहीं मिल रहा।
सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के अभ्यास के दौरान मंगलवार शाम करीब 5 बजे हादसा हुआ। चिनूक हेलिकॉप्टर से नदी में खड़ी बोट में 5 जवान कूदे थे। बोट डूबने लगी तो पांचों ऑक्सीजन सिलेंडर और लाइफ जैकेट के साथ नदी में कूद गए। इनमें तीन जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए। लापता जवान महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय हैं।
हरियाणा के साथ यूपी की एसडीआरएफ की टीमें भी सर्च में जुटी हैं
बुधवार को बैराज पर यमुना का जलस्तर 31,850 क्यूसेक दर्ज हुआ। सर्च अभियान के चलते बैराज पर हरियाणा-यूपी के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। हरियाणा की तरफ जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर में पानी रोक दिया गया है। पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया है।
रक्षा मंत्रालय की तरफ से बुधवार शाम को प्रेस रिलीज जारी की गई। जिसमें कहा गया कि लापता जवानों की तलाश के लिए भारतीय सेना, एयरफोर्स, लोकल पुलिस और प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
सर्च अभियान में 4 बड़े चैलेंज---
बरसात के कारण पानी में सिल्ट ज्यादाः
पहाड़ों पर बरसात होने के कारण यमुना नदी के पानी में भारी मात्रा में सिल्ट (रेत-मिट्टी) आ रहा है। जिस कारण मटमैले पानी में सर्च करना काफी मुश्किल हो रहा है।
ट्रैकर काम नहीं कर रहेः
बताया जा रहा है कि पानी में कूदे जवानों के पैरों में ट्रैकर लगे हुए थे, जिनसे कोई सिग्नल नहीं मिल पा रहा। संभवत कीचड़ में धंसने की वजह से ऐसा हुआ है, इस कारण भी उन्हें ट्रैक करने में दिक्कत आ रही है।
1 किलोमीटर बाद ही नहर की दो धाराएंः
हथिनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर निकलती है। जो करीब एक किलोमीटर आगे जाते ही दो धाराओं में बंटती है। यहीं से हाइडल लिंक चैनल में पानी डायवर्ट होता है। इस लिंक चैनल पर ताजेवाला, नैनोंवाली, भूड़कलां और बेगपुर हाइडल प्रोजेक्ट हैं।
83 किलोमीटर तक बहने की संभावनाः
अभी सर्च ऑपरेशन का दायरा हथिनीकुंड बैराज से दादूपुर तक रखा गया है। कई बार यहां से डूबे व्यक्ति करनाल के इंद्री तक बह कर गए हैं। बैराज से इंद्री की दूरी करीब 83 किलोमीटर है। इतने बड़े दायरे में सर्च के लिए 3 से 4 तक लग सकते हैं।
रात में 10 किलोमीटर तक खंगाली गई नहर--
जवानों के लापता होने की सूचना के बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम जसपाल गिल और डीएसपी रजत गुलिया मौके पर पहुंचे। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। रेस्क्यू टीमों ने हथिनीकुंड बैराज से आगे निकलने वाली नहर में करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया है। तेज बहाव के कारण गोताखोरों के लिए कई स्थानों पर पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है।
गांवों के सरपंचों को भी किया अलर्ट-
गोताखोरों के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली नहर आगे जाकर कई हिस्सों में बंट जाती है। इसी के चलते प्रशासन ने नहर के किनारे पड़ने वाले सभी गांवों के सरपंचों को भी सूचना दे दी है। उन्हें नहर पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि यदि दोनों जवानों में से कोई पानी के बहाव के साथ आगे पहुंचता है या कहीं दिखाई देता है तो तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी जा सके। बैराज से निकलने वाली नहर पर आगे करीब सात पुल भी पड़ते हैं। इन पुलों के नीचे से पानी काफी तेज गति से बह रहा है।
मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ था हादसा-
हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले यमुना की अप स्ट्रीम में हुआ था। यहां सेना के वन पैरा स्पेशल फोर्स का बाढ़ बचाव अभ्यास चल रहा था। यह अभ्यास 30 अगस्त से चल रहा था और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था।
बताया जा रहा है कि अभ्यास के दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर से जवान एक-एक करके यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इस पहले जवानों के कूदते ही हेलिकॉप्टर भी वहां से निकल गया। बोट डूबने के बाद जवानों को तेज बहाव व गहरे पानी में उतरना पड़ा।
तीन जवान तैरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के गेट की तरफ पहुंचे और करीब 600 मीटर का सफर तय कर बाहर निकल गए, लेकिन आर्यन पाटिल और अजय का पता नहीं चल सका।
गोताखोर अमर सिंह ने बताया कि नहर में सर्च करते हुए 24 घंटे का समय हो चुका है लेकिन अभी कुछ भी पता नहीं चला है। हथिनिकुंड से लेकर दादुपुर तक सर्च ऑपरेशन जारी है।