टिकट बंटवारे से पहले BJP में घमासान, प्रत्याशी फाइनल होते ही दो मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

अलवर में टिकट को लेकर BJP में नाराजगी, संगठन में असंतोष

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BJP Ticket Distribution:: अलवर (हि.स.)। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। अलवर नगर निगम क्षेत्र में प्रत्याशियों के चयन से पहले ही पार्टी के दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ पद छोड़ दिया है। दोनों नेताओं ने अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष को भेज दिया है। Alwar Municipal Election

इस्तीफा देने वालों में विवेकानंद मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़ और केशव मंडल के अध्यक्ष महेश निहलवानी शामिल हैं। पार्टी संगठन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, टिकट चयन की प्रक्रिया को लेकर मंडल स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में असंतोष था। आरोप है कि लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले कुछ पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट की दौड़ में अपेक्षित महत्व नहीं मिला।

हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक सभी प्रत्याशियों की औपचारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन जिन संभावित उम्मीदवारों को पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में उतरने का संकेत मिला है, उन्होंने नामांकन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है, जिसके चलते राजनीतिक दलों पर उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने का दबाव भी बढ़ गया है। Alwar Municipal Election

टिकट चयन को लेकर पार्टी के भीतर उठ रही आवाजों ने अलवर की राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इनमें सुरेश मेहता और नरेश धानावत सहित अन्य नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नेताओं ने अनुभवी और पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा पार्टी में उनके सम्मान को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

भाजपा में प्रत्याशियों के चयन को लेकर प्रदेश स्तर पर भी लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर जारी है। कई वार्डों में उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम सहमति बनने में दिक्कत की खबरें हैं। पार्टी की ओर से चुनाव चिह्न आवंटन के बाद प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

चुनाव से ठीक पहले संगठन के दो मंडल अध्यक्षों का पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा देना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि टिकट वितरण के बाद नाराज कार्यकर्ता निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरते हैं या चुनाव प्रचार से दूरी बनाते हैं, तो इसका असर पार्टी की चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। Alwar Municipal Election

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