क्या गुरु जी के खिलाफ हुई साजिश? क्या है डेरा सच्चा सौदा?
क्या है डेरा सच्चा सौदा?
क्या है डेरा सच्चा सौदा?
(Facts vs Fiction)
डेरा सच्चा सौदा एक धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है, जहां सभी धर्मों का आदर सत्कार किया जाता है व ऐसा ही करने की लोगों को प्रेरणा भी दी जाती है। डेरा सच्चा सौदा की स्थापना सन 1948 में शाह मस्ताना जी महाराज ने सिरसा हरियाणा में की। शाह मस्ताना जी महाराज ने 1948 से लेकर 1960 तक डेरा सच्चा सौदा की बागडोर संभाली और उन्होंने 1,48,277 लोगों का नशा व बुराईयां छुड़वाई। उसके पश्चात डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने 1960 से लेकर 1990 तक कुल 11,08,429 लोगों का नशा व बुराईयों को छुड़वाया। डेरा सच्चा सौदा के मौजूदा संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 23 सितंबर 1990 से लेकर अब तक 7.5 करोड़ लोगों का नशा व बुराइयां छुड़वाकर उनकी जिंदगी को खुशहाल बना चुके हैं। यह कारवाँ निरंतर जारी हैं। यही कारण है कि डेरा सच्चा सौदा पूरे विश्व व भारत के हर स्टेट में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। देश-विदेश में डेरा सच्चा सौदा के 7.5 करोड़ से ज्यादा अनुयायी एवं भारत के सभी प्रान्तों में कुल 580 डेरे हैं।
क्या गुरु जी के खिलाफ हुई साजिश?
जी हां, बिल्कुल सही।
डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई के कार्यों में दिन प्रतिदिन संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सांं के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने लगा। समाज से नशा व बुराइयां दूर जाने लगी, लोग नशों का त्याग कर राम नाम से जुड़ने लगे। ये सब नशा माफियाओं और डेरा विरोधी ताकतों को ग्वारा ना हुई। उन्होंने गुरु जी को बम्ब से उड़ाने की भी कोशिश की और काफी बार उन पर जानलेवा हमले किए। लेकिन उसमे वे कामयाब ना हो सके। हमलावर पकड़े गए, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई, जिसका केस कोर्ट में भी चला और वे सभी दोषी सिद्ध हुए, उन सभी साजिशकर्ताओं को कोर्ट से सजा भी हुई। जब उनकी ये साजिश कामयाब ना हुई तो फिर उन्होंने गुरु जी के खिलाफ झूठे गवाह एकत्रित करने शुरू किए। उन नकली व झूठे गवाहों से गुरु जी पर झूठे इल्जाम लगवा कर उन्हें फसाने का हर संभव प्रयास शुरू किया। इस तरह से झूठ ने सच को बदनाम करना शुरू किया। कुछ डेरा विरोधी लोगों ने तो खुल के मीडिया के सामने अपने इंटरव्यू में भी कहा कि गुरु जी को फसाने के लिए हम खुद काफी सालों से प्रयास कर रहे हैं। सभी झूठे गवाहों को पैसे का लोभ लालच देकर और उन्हें हर प्रकार से गुरु जी के विरोध में खड़ा कर कोर्ट में झूठी गवाहियाँ करवाई। इस तरह से गुरु जी के खिलाफ साजिशो को रचा गया ताकि झूठे केसों में गुरु जी को फंसाया जा सके। ये डेरा विरोधी ताकतें आज भी झूठ को साबित करने में लगी हुई हैं। लेकिन वो ये बात को भूल जाते हैं कि सच सामने आने में देरी हो सकती हैं लेकिन सच को हराया नहीं जा सकता।
क्या संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को मिलने वाली पैरोल और फरलो VIP ट्रीटमेंट है?
जी नहीं, बिल्कुल नहीं।
संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को आज तक जितनी बार भी पैरोल या फरलो दी गई है वो हमेशा ही कानूनी दायरे के अंतर्गत दी गई हैं। पैरोल व फरलो के दौरान कभी भी किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ और ना ही पैरोल व फरलो के नियमों का कभी उल्लंघन किया गया। आइए, देश के कानून, जेल मैनुअल और अदालती व्यवस्था को सरल शब्दों में समझते हैं, ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
जानिए क्या कहता है कानून
भारत के संविधान और जेल कानूनों के तहत, सजा काट रहे हर नागरिक को कुछ बुनियादी अधिकार दिए गए हैं। गुड कंडक्ट के आधार पर कैदी को लाभ दिए जाने की Provision अंग्रेजो के समय से Prisoners Act 1894 के तहत दिया जा रहा है। उसके बाद समय समय पर एक्ट में बदलाव होते रहे व वर्तमान प्रावधान के अनुसार जेल में सजा काट रहे व्यक्ति को सजा के एक साल के बाद पैरोल और 3 साल के बाद फरलो लेने का अधिकार मिलता है। जो लोग इसे व्यक्तिगत फायदा या 'वीआईपी छूट' कहते हैं ऐसा बिलकुल भी नहीं है। हर सजायफ़्ता एक साल के अंदर 70 दिनों की पैरोल और 21 दिन की फरलो ले सकता हैं। हरियाणा स्टेट की Competent Authority द्वारा पैरोल और फरलो हर साल हजारों सजायफ्ता व्यक्तियों को दी जाती है, जिसका विवरण स्वयं हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका में एक एफीडेविट के माध्यम से कोर्ट में फाईल किया हुआ है।
पैरोल और फरलो को कोर्ट में दी गई कानूनी चुनौती
गुरु जी की पैरोल और फरलो पर माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर:
माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्टऔर सुप्रीम कोर्ट के हालिया स्पष्ट फैसलों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून सर्वोपरि है और हर प्रक्रिया का पालन कानूनी नियमों के दायरे में रहकर ही किया जाता है। संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पैरोल और फरलो के खिलाफ हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL - 11 of 2023) दायर की गई थी, जिस पर माननीय हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि गुरु जी को दी गई पैरोल जेल नियमों के आधार पर पूरी तरह से वैध और कानून के अनुकूल है। माननीय हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद माननीय हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी उस याचिका (SLP Civil, Dairy No. 7483/2025) को आगे चलाने से इनकार करते हुए इसे खारिज कर दिया था। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में माननीय हाईकोर्ट के आदेश को ठीक मानते हुए बरकरार रखा।
क्या विवादों से पहले भी मानवता भलाई के कार्य करता था डेरा सच्चा सौदा?
जी हाँ, करता था।
जब से डेरा सच्चा सौदा की स्थापना (सन 1948) हुई, तभी से समाज भलाई के कार्य निरतंर जारी हैं। ऐसा कहना बिल्कुल गलत है कि संस्था विवादो में आने के बाद से मानवता भलाई के कार्य कर रही है।
डेरा सच्चा सौदा से जुडेÞ सेवादारों द्वारा समय-समय पर विभिन्न सामाजिक अभियानों व मानवता भलाई कार्यों में लगातार भाग लिया जा रहा है। मानवता भलाई के ये प्रयास किसी विवाद या विशेष परिस्थिति के बाद शुरू नहीं हुए, बल्कि इनकी पृष्ठभूमि संस्था के स्थापना काल से जुड़ी हुई है।
डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के मार्गदर्शन में 176 मानवता भलाई के कार्य डेरा के सेवादारों द्वारा बढ़-चढ़ कर किए जा रहे हैं, यही कारण है कि डेरा सच्चा सौदा पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
डेरा सच्चा सौदा द्वारा की जा रही इन गतिविधियों में युवाओं का नशा छुड़वाना, जरूरतमंद परिवारों की सहायता, 1 लाख 23 हजार 400 लोगों द्वारा शरीरदान का किया गया प्रण, 18 हजार 656 लोगों द्वारा किया गया नेत्रदान का प्रण के साथ अब तक 2368 लोगों द्वारा मरणोपंरात शरीरदान, 27 लोगों द्वारा गुर्दादान, 3 लोगों द्वारा लीवर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार दान किया जा चुका है।
इसके साथ ही आवारा व बीमार पशु पक्षियों का इलाज करना, स्वतंत्रता सैनानियों की सहायता करना, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में किए जाने वाले कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाएं जैसे 1999 में उड़ीसा में आए समुंद्री तूफान के दौरान 26 हजार क्ंिवटल राशन देना, सन 2000 में राजस्थान में सूखा के दौरान पशुओं के लिए पानी व चारे का इंतजाम करना व 2001 में आए गुजरात भूंकप के दौरान 145 प्रभावित गांवों को गोद लेना सहित अन्य आपात परिस्थितियों में राहत एवं सहायता पहुंचाना भी संस्था की सेवा गतिविधियों का हिस्सा है। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा के मानवता भलाई कार्यों को केवल उसके बाद के विवादों से जोड़कर देखने की बजाय, संस्था के प्रमाणित तथ्यों के आधार पर चर्चा किया जाना उचित होगा।
इन्हीं मानवता भलाई कार्याें की बदौलत डेरा सच्चा सौदा व संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को 22 GUINNESS WORLD RECORDS, 45 ASIA BOOK OF RECORDS, 9 INDIA BOOK OF RECORDS, 3 LIMCA BOOK OF RECORDS, 2 ASSAM BOOK OF RECORDS आदि दिए गए हैं।
डेरा सच्चा सौदा का उद्देश्य
डेरा सच्चा सौदा का एकमात्र उद्देश्य है इंसानियत की सेवा करना। लोगों को नशों, सामाजिक बुराइयों इत्यादि से दूर कर दीन दुखियों की यथा सम्भव मदद करना। मानवता की सेवा के लिए संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 176 मानवता भलाई के कार्य चलाए हुए हैं, जिनमें नशा मुक्ति अभियान, रक्तदान, मरणोपरान्त नेत्रदान, शरीरदान, पौधारोपण, सफाई महाअभियान, गरीबों का इलाज करवाना, गरीबों को घर बनाकर देना, गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करना इत्यादि।
7.5 करोड़ लोगों का छुड़वाया नशा

डेरा सच्चा सौदा दुनिया का सबसे बड़ा नशा मुक्ति केन्द्र भी है। संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलायी गई DEPTH मुहिम के तहत साढ़े 7.5 करोड़ लोग नशों से दूर होकर अपने जीवन को सुखमय बना चुके हैं। गुरु जी द्वारा चलाए गए अभियान एवं ध्यान की विधि से भयानक से भयानक नशों के आदी जिनमें मेडिकल नशा, चिट्टा, स्मैक, हेरोइन इत्यादि नशों की गिरफ्त में आए लोग मात्र एक सप्ताह में ही नशे की लत से निजात पा जाते हैं।
33 लाख 85 हजार 396 यूनिट किया रक्तदान

खून के अभाव में किसी की जान न जाए" इस उद्देश्य के लिए गुरु जी ने नियमित रूप से खूनदान केम्प लगाए। गुरु जी की प्रेरणा से 3 लाख से अधिक लोगों ने नियमित रूप से खूनदान के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड करवाया हुआ है। देश में कहीं पर भी किसी को खून की आवश्यकता होने पर डेरा सच्चा सौदा के सेवादार तुरन्त वहां पहुंच कर रक्तदात कर मरीज की जान बचाने में मदद करते हैं। सेना, पुलिस, पत्रकार व थैलिसीमिया के मरीजों को पहल के आधार पर निशुल्क रक्तदान करने का आह्वान किया हुआ है। इस वर्ष 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस पर गुरु जी ने देश भर व विदेशों में भी थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित रक्त उपलब्ध करवाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। डेरा सच्चा सौदा में सबसे बड़ा रक्तदान शिविर 8 अगस्त 2010 को लगाया जिसमे कुल 43752 यूनिट रक्तदान हुआ। जो GUINNESS BOOK OF RECORDS और ASIA BOOK OF RECORDS में गुरु जी एवं डेरा सच्चा सौदा के नाम दर्ज हुआ। डेरा सच्चा सौदा अब तक 33 लाख 85 हजार 396 यूनिट रक्तदान कर चुका है जो की लीटर में 15 लाख 23 हजार 435 लिटर्स बनता हैं।
35 करोड़ 40 लाख पौधे लगाए

पृथ्वी को प्रदूषण से मुक्त व हरा भरा करने के लिए संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पौधारोपण अभियान चलाया हुआ है। गुरु जी ने हर व्यक्ति को साल में कम से कम 12 पौधे लगाने और उनकी पूरी सम्भाल करने का संकल्प करवाया हुआ है। इसके अतिरिक्त गुरु जी के जन्म दिवस पर भी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी बड़े स्तर पर पौधारोपण करते हैं। अब तक डेरा सच्चा सौदा द्वारा 35 करोड़ 40 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। 15 अगस्त, 2009 को मात्र 8 घण्टे में 68 लाख 73 हजार 451 पौधे लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉड भी डेरा सच्चा सौदा के नाम दर्ज है।
36 महानगरों में सफाई महाअभियान

हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप" की मुहिम के तहत संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा अब तक 36 सफाई महाअभियान किए गए हैं। जिनमें दिल्ली, मुम्बई, गुरुग्राम, जयपुर, जोधपुर जैसे महानगरों व जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा), हरिद्वार-ऋषिकेश, अजमेर, पुष्कर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक नगर, व पवित्र नदी गंगा की ऋषिकेश से रुड़की तक सफाई अभियान भी शामिल है। संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के मार्गदर्शन में लाखों सेवादार मात्र कुछ घंटों में ही महानगरों की पूर्णतया साफ सफाई कर एक उदाहरण प्रस्तुत कर चुके हैं।
2368 लोगों को मकान बनाकर दिया

संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलायी गई आशियाना मुहिम के तहत डेरा सच्चा सौदा द्वारा गरीब लोगो का जीवन स्तर सुधारने हेतु बिना किसी भेदभाव के नि:शुल्क मकान बनाकर दिये जा रहे हैं। साध संगत द्वारा मकान मात्र कुछ ही दिनों में तैयार करके उन्हें चाबी सौप दी जाती हैं। हजारो निराश्रितों को आश्रय बनाकर वितरित किए जा चुके हैं। हजारो ऐसे गरीब असहाय लोग है जिनको डेरा सच्चा सौदा मकान बनाकर दे चुका हैं और ये मुहिम लगातार जारी हैं। सन 2001 में गुजरात में आए भूकंप के उपरांत बेघर हो चुके सैकड़ो परिवारों को जहां घर बनाकर दिए, वहीं पूरे 145 गावों को गोद लेकर उनके घर बनाकर दिए जो आज भी डेरा सच्चा सौदा के आशियाना मुहिम की मुँह बोलती तस्वीर हैं।