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Sea Traffic Rules: सड़क की तरह समुद्र में भी होते हैं ट्रैफिक नियम, जहाज टकराने पर कौन करता है कार्रवाई?
सड़क की तरह समुद्र में भी होते हैं ट्रैफिक नियम, जहाज टकराने पर कौन करता है कार्रवाई?
नई दिल्ली। Sea Traffic Rules: सड़क पर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पुलिस चालान काटती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि समुद्र में चलने वाले जहाजों के लिए भी ट्रैफिक नियम होते हैं? अगर कोई जहाज इन नियमों का उल्लंघन करता है या किसी दूसरे जहाज से टकरा जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कौन करता है? हाल में अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना से जुड़ी टक्कर की घटना के बाद समुद्री ट्रैफिक नियमों को लेकर चर्चा तेज हुई है। दरअसल, समुद्र में भले ही सड़क की तरह ट्रैफिक लाइट, लेन या स्टॉप साइन दिखाई न दें, लेकिन जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय नियम मौजूद हैं।
क्या होते हैं समुद्र के ट्रैफिक नियम?
समुद्र में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए COLREGs (Convention on the International Regulations for Preventing Collisions at Sea) नाम के अंतरराष्ट्रीय नियम लागू हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO (International Maritime Organization) के तहत विकसित किया गया है।इन नियमों का मुख्य उद्देश्य जहाजों के बीच टक्कर को रोकना और समुद्र में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। नियमों में यह तय किया गया है कि दो जहाज आमने-सामने आने पर किसे रास्ता देना होगा, अलग-अलग परिस्थितियों में जहाजों को किस दिशा में जाना चाहिए और कौन से लाइट व सिग्नल इस्तेमाल किए जाने चाहिए।
यानी समुद्र में भले ही सड़क जैसी लेन न हों, लेकिन जहाजों की आवाजाही के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ‘रूल बुक’ जरूर है।
तटीय क्षेत्र में कौन करता है निगरानी?
जब कोई जहाज किसी देश के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो वहां उस देश के राष्ट्रीय कानून और समुद्री नियम लागू हो सकते हैं। भारत में समुद्री सुरक्षा और कानून लागू कराने में भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
तटरक्षक बल समुद्री क्षेत्र में तस्करी, अवैध गतिविधियों, समुद्री प्रदूषण, अवैध मछली पकड़ने और अन्य समुद्री कानूनों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करता है। हालांकि समुद्र में किसी घटना की जिम्मेदारी तय करना इस बात पर भी निर्भर करता है कि घटना किस समुद्री क्षेत्र में हुई और संबंधित जहाज किस देश में पंजीकृत है।
खुले समुद्र में किसकी जिम्मेदारी होती है?
किसी जहाज के लिए Flag State यानी जिस देश के झंडे के तहत वह जहाज पंजीकृत है, उसकी बड़ी कानूनी जिम्मेदारी होती है। खुले समुद्र में जहाज के संचालन और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन को लेकर प्राथमिक नियामक जिम्मेदारी सामान्यतः उसी Flag State की होती है। अगर किसी जहाज के संचालन में गंभीर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित देश अपने कानूनों के तहत जांच और कार्रवाई कर सकता है। इसके अलावा, जब कोई विदेशी जहाज किसी देश के बंदरगाह पर पहुंचता है, तो Port State Control के तहत वहां की समुद्री अथॉरिटी जहाज की सुरक्षा, दस्तावेज और नियमों के अनुपालन की जांच कर सकती है।
जहाज टकराने पर कौन करता है कार्रवाई?
अगर दो जहाजों के बीच टक्कर होती है, तो सबसे पहले यह देखा जाता है कि हादसा कहां हुआ, जहाज किस देश में पंजीकृत हैं और किन समुद्री नियमों का उल्लंघन हुआ।
जांच में यह देखा जा सकता है कि जहाज के कप्तान या चालक दल ने COLREGs का पालन किया था या नहीं। इसके बाद संबंधित कानूनों के अनुसार जुर्माना, लाइसेंस या प्रमाणपत्र से जुड़ी कार्रवाई, क्षतिपूर्ति और अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
गंभीर समुद्री हादसों में कई देशों की एजेंसियां भी जांच में शामिल हो सकती हैं। अगर घटना में अलग-अलग देशों के जहाज या सैन्य पोत शामिल हों, तो मामला सिर्फ समुद्री कानून तक सीमित नहीं रहता और इसमें संबंधित देशों के बीच आधिकारिक या कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी हो सकती है।
समुद्र में ‘ट्रैफिक पुलिस’ एक ही संस्था नहीं
इसलिए समुद्र में सड़क की तरह कोई एक ‘ट्रैफिक पुलिस’ नहीं होती। COLREGs अंतरराष्ट्रीय नियमों का ढांचा देते हैं, जबकि Flag State, Coastal State और Port State अपनी-अपनी परिस्थितियों और अधिकार क्षेत्र के अनुसार नियमों को लागू करते हैं।
यही वजह है कि समुद्र में किसी जहाज के नियम तोड़ने या टक्कर होने के बाद कार्रवाई इस बात पर निर्भर करती है कि हादसा किस समुद्री क्षेत्र में हुआ, जहाज किस देश का है और संबंधित घटना पर कौन-से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानून लागू होते हैं।