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Hanumangarh News: सोशल मीडिया पर अधिवक्ता को बदनाम करने का आरोप, 50 लाख की मांग का भी दावा
जोधा सिंह की रिपोर्ट पर विकास नागपाल के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। वरिष्ठ अधिवक्ता जोधा सिंह ने विकास नागपाल के खिलाफ कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अभद्र एवं अपमानजनक टिप्पणियां करने तथा 50 लाख रुपए की मांग कर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए टाउन पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टाउन पुलिस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार जोधासिंह (54) पुत्र बीरबल सिंह राजपूत निवासी वार्ड नंबर 2 गंगागढ़, हाल वार्ड नंबर 19, चित्रकूट नगर, टाउन ने बताया कि वह हनुमानगढ़ सेशन न्यायालय में कई वर्षों से नियमित वकालत कर रहे हैं। उन्होंने खुद को सामाजिक समितियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ा बताते हुए कहा कि समाज और अधिवक्ता समुदाय में उनकी प्रतिष्ठा है।
परिवादी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसका और विकास नागपाल का कई वर्षों से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते विकास नागपाल उसके खिलाफ झूठे मुकदमे करवाता रहता है। परिवादी के अनुसार 9 जुलाई को वह कुछ अधिवक्ता साथियों के साथ एक मामले के संबंध में पुलिस अधीक्षक से मिला था। इसके बाद पत्रकारों के साथ हुई प्रेस वार्ता का वीडियो एक रिपोर्टर ने फेसबुक पर अपलोड किया था। उक्त वीडियो पर विकास नागपाल ने फेसबुक के कमेंट सेक्शन में अधिवक्ता जोधा सिंह के खिलाफ अभद्र एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
परिवादी का आरोप है कि नागपाल ने उस पर हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज होने तथा डीएसपी वीरेंद्र जाखड़ की ओर से गिरफ्तार किए जाने जैसी बातें लिखीं, जबकि उसके विरुद्ध ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है और न ही डीएसपी वीरेंद्र जाखड़ ने उसे कभी गिरफ्तार किया। परिवादी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि विकास नागपाल ने सोशल मीडिया पर उसकी वकालत एवं व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
इन टिप्पणियों को पढ़ने के बाद उसके परिचित संदीप सिंह, आनंद कुमार जोशी, नरेंद्र कुमार, हनुमान वर्मा, एडवोकेट अमनदीप स्वामी, एडवोकेट हेमलता सहित अन्य लोगों ने उससे इस संबंध में बातचीत की। सोशल मीडिया टिप्पणियों के कारण उसे सामाजिक स्तर पर अपमान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने का सामना करना पड़ा। परिवादी के अनुसार वह 18 सितंबर को ध्रुव और मनीष के साथ मकान किराये के सिलसिले में टाउन के फतेहगढ़ मोड़ स्थित शिव डेयरी पहुंचा था। वहां विकास नागपाल डेयरी से बाहर आया और उन्हें रोककर जोधा सिंह के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौच करने लगा।
विकास नागपाल ने सभी मुकदमे वापस लेने और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की पैरवी नहीं करने के बदले 50 लाख रुपए देने की मांग की तथा रकम नहीं देने पर सोशल मीडिया पर इसी तरह अभद्र टिप्पणियां कर उसे समाज में बदनाम करने की धमकी दी। परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि वह पूर्व में बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ), हनुमानगढ़ के अध्यक्ष तथा पंचायत समिति के डायरेक्टर के पद पर भी रह चुका है। सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों से उसकी सामाजिक एवं पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर विकास नागपाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक कैलाशचंद्र को सौंपी है।