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Saudi Arabia: सऊदी अरब ने दोबारा शुरू की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, तेल सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर राहत की उम्मीद
Saudi Arabia: सऊदी अरब ने दोबारा शुरू की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, तेल सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर राहत की उम्मीद
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर दुनियाभर के तेल बाजार पर देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर की कीमतों को लेकर आम लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। इसी बीच सऊदी अरब से तेल सप्लाई को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अस्थायी तौर पर बंद की गई अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को दोबारा शुरू कर दिया है। इस पाइपलाइन के जरिए देश के पूर्वी हिस्से से पश्चिमी तट तक कच्चे तेल की सप्लाई की जाती है। पाइपलाइन के दोबारा शुरू होने से रेड सी के पास स्थित सऊदी अरामको की रिफाइनरियों को फिर से तेल की आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
ड्रोन हमले के बाद बंद की गई थी पाइपलाइन
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में हुए ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने सुरक्षा कारणों से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। हमले के दौरान पाइपलाइन से जुड़े कुछ पंपिंग स्टेशनों को नुकसान पहुंचा था, जिसके कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई।
पाइपलाइन बंद होने से तेल की सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था। अब इसकी दोबारा शुरुआत से वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
कम क्षमता पर शुरू हुई पाइपलाइन
ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को मंगलवार से दोबारा शुरू किया गया है, लेकिन फिलहाल इसे पहले की तुलना में कम क्षमता पर संचालित किया जा रहा है। हमले में प्रभावित पंपिंग स्टेशनों और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत के बाद ही पाइपलाइन को पूरी क्षमता से चलाने में कुछ समय लग सकता है। पहले इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन करीब 40 से 70 लाख बैरल तेल की सप्लाई की जाती थी। अब इसके दोबारा शुरू होने के बावजूद शुरुआती चरण में सप्लाई क्षमता सीमित रखी गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
पाइपलाइन के दोबारा शुरू होने की खबर ऐसे समय आई है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई थी। क्रूड ऑयल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई थी, लेकिन बाद में इसमें कुछ नरमी आई और कीमत करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई।
अगर सऊदी अरब की पाइपलाइन आने वाले दिनों में पूरी क्षमता के करीब पहुंचती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना बन सकती है।
भारत पर भी पड़ सकता है असर
भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में होने वाला बदलाव घरेलू ईंधन बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। हालांकि पेट्रोल-डीजल और LPG की घरेलू कीमतों पर असर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों से तय नहीं होता, बल्कि कई अन्य कारक भी इसमें भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का दोबारा शुरू होना वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पाइपलाइन की क्षमता बढ़ने और मिडिल ईस्ट के हालात पर तेल बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है।