Pillow Sleeping Tips: रात में तकिया मोड़कर सोते हैं तो हो जाएं सावधान, गर्दन से लेकर नींद तक पर पड़ सकता है असर
रात में तकिया मोड़कर सोते हैं तो हो जाएं सावधान, गर्दन से लेकर नींद तक पर पड़ सकता है असर
Pillow Sleeping Tips: रात में अच्छी नींद के लिए हर व्यक्ति अपनी सुविधा के हिसाब से सोने का तरीका अपनाता है। कुछ लोगों को पतला तकिया पसंद होता है, जबकि कुछ लोग तकिए को मोड़कर या उसके नीचे दूसरा तकिया रखकर सोते हैं। शुरुआत में यह तरीका आरामदायक लग सकता है, लेकिन बहुत ऊंचे तकिए पर लंबे समय तक सोने की आदत गर्दन और नींद से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है।
गर्दन और कंधों पर बढ़ सकता है दबाव | Pillow Sleeping Tips
तकिए को मोड़कर बहुत ऊंचा करने से सोते समय सिर और गर्दन की प्राकृतिक स्थिति बिगड़ सकती है। इससे गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लगातार ऐसा करने पर सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न, दर्द, कंधों में खिंचाव और सिर भारी लगने जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
पेट के बल सोने वालों को खास सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में गर्दन पहले से ही एक तरफ मुड़ी रहती है। ऐसे में बहुत ऊंचा तकिया गर्दन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
नींद की गुणवत्ता भी हो सकती है प्रभावित
बहुत ऊंचा या बेहद नरम तकिया शरीर को आरामदायक स्थिति में बनाए रखना मुश्किल कर सकता है। इसके कारण रात में बार-बार करवट बदलने और नींद टूटने की समस्या हो सकती है। कई बार पर्याप्त घंटे सोने के बाद भी सुबह थकान महसूस होती है।
इसलिए तकिया चुनते समय केवल उसकी मोटाई पर ध्यान देना सही नहीं है। जरूरी है कि तकिया सिर और गर्दन को शरीर के अनुरूप आरामदायक स्थिति में रखने में मदद करे।
सोने की स्थिति के हिसाब से चुनें तकिया
अगर आप करवट लेकर सोते हैं, तो तकिया इतना ऊंचा होना चाहिए कि सिर और गर्दन के बीच की खाली जगह को सहारा मिल सके। वहीं, पीठ के बल सोने वालों को आमतौर पर बहुत ऊंचे तकिए की जरूरत नहीं होती।
अगर आपको तकिया मोड़कर सोने की आदत है, तो उसकी ऊंचाई धीरे-धीरे कम करने की कोशिश कर सकते हैं। तकिया बदलने के बावजूद गर्दन या कंधों का दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
सही तकिया और सोने की उचित मुद्रा शरीर को आराम देने के साथ नींद की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद कर सकती है।