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Natrang Ubha Fest: संत झेवियर कॉलेज में 26 सितंबर को ‘इनॉगरल 2026’, ‘नटरंग उभा’ के जरिए दिखेगा मराठी थिएटर का सफर
संत झेवियर कॉलेज में 26 सितंबर को ‘इनॉगरल 2026’, ‘नटरंग उभा’ के जरिए दिखेगा मराठी थिएटर का सफर
सच कहूँ न्यूज़ (मुंबई)। Natrang Ubha Fest: मुंबई के *संत झेवियर कॉलेज* का मराठी वाङ्मय मंडल (एम. वी. एम.) 26 सितंबर को अपने वार्षिक आयोजन *‘इनॉगरल 2026’* का आयोजन करने जा रहा है। कॉलेज हॉल में होने वाले इस आयोजन की थीम *‘नटरंग उभा’* रखी गई है, जिसके जरिए मराठी रंगमंच के सफर और समय के साथ इसके बदलते स्वरूप को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
परंपरा से आधुनिक रंगमंच तक
आयोजकों के अनुसार, ‘नटरंग उभा’ मराठी थिएटर के पारंपरिक और ऐतिहासिक स्वरूप से लेकर सामाजिक बदलाव, नए विचारों और प्रयोगों से विकसित हुए समकालीन रंगमंच तक की यात्रा को सामने लाएगा।
फेस्ट प्रतिनिधि ने सच कहूँ संवाददाता को बताया कि बदलते दौर के बावजूद *कहानी कहना मराठी थिएटर की मूल पहचान* रहा है और इसी विचार को आयोजन के विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने लाने की तैयारी है।
संगीत, नृत्य और नाटक से सजेगा मंच
26 सितंबर को होने वाले ‘इनॉगरल’ में *संगीत, नृत्य, नाटक, साहित्य और कला* के माध्यम से मराठी थिएटर के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में रंगमंच की पारंपरिक जड़ों को समकालीन अभिव्यक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
युवा पीढ़ी को थिएटर से जोड़ने की पहल
आयोजकों का कहना है कि ‘नटरंग उभा’ के जरिए युवा दर्शकों को मराठी थिएटर से परिचित कराने के साथ-साथ मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति जुड़ाव को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
फेस्ट प्रतिनिधि ने सच कहूँ को बताया कि थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक टिप्पणी, नए विचारों और बदलते नजरिए को सामने रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
103 साल पुराने मंडल की पहल
संत झेवियर कॉलेज का मराठी वाङ्मय मंडल *103 वर्ष पुरानी संस्था* है। मंडल लंबे समय से छात्रों को मराठी भाषा, साहित्य, संस्कृति और प्रदर्शन कलाओं से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करता रहा है।
‘इनॉगरल 2026’ के माध्यम से मंडल अब मराठी थिएटर के अतीत और वर्तमान को एक मंच पर लाने की तैयारी में है।
