Cyber ​​fraud: मुनाफे का झांसा देकर सेवानिवृत्त अधिकारी से हड़पे 9.66 लाख

अलग-अलग खातों में करवाए गए ट्रांसफर

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Cyber ​​fraud:  जींद  (सच कहूँ न्यूज)। साइबर ठगों ने उच्चतर शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक को निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 9 लाख 66 हजार 385 रुपये ठग लिए। साइबर थाना पुलिस ने जुलाना निवासी पवन की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पवन ने बताया कि 4 जून को उसने निवेश से संबंधित एक विज्ञापन देखा, जिसमें 22 हजार रुपये से निवेश शुरू करने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसने 22 हजार रुपये निवेश किए। इसके बाद गणेश नामक व्यक्ति ने फोन कर निवेश के बदले लाभ मिलने का झांसा दिया। शुरूआत में 10 डॉलर के निवेश पर लाभ खाते में आने का दावा किया गया।

इसके बाद आरोपी के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में 5.24 लाख, 3.24 लाख और एक लाख रुपये जमा किए। बाद में 1.19 लाख डॉलर के कथित लाभ को खाते में ट्रांसफर करने के नाम पर 3.19 लाख रुपये और जमा कराए गए। इसके बाद आयकर के नाम पर 11 लाख रुपये मांगे गए, तब उसे ठगी का पता चला। साइबर थाना के जांच अधिकारी धर्मबीर ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस लेन-देन और आरोपियों से जुड़े खातों की जांच कर रही है।

सीएम फ्लाइंग की जांच में गलत पंजीकरण कर सरकारी लाभ उठाने का खुलासा 

जींद (सच कहूँ न्यूज)। ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ योजना में गलत तरीके से पंजीकरण कर 15 हजार 200 रुपये का अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर नूंह जिले की युवती पर धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीएम फ्लाइंग के उपनिरीक्षक सतपाल सिंह ने बताया कि एक जुलाई को सूचना मिली थी कि मालसरी खेड़ा निवासी अमित और दलबीर की जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ के तहत पंजीकरण कराया है। जांच में कृषि विभाग से रिकॉर्ड लेने के साथ गांव में भी पूछताछ की गई।

सरपंच ने बताया कि परवाना नाम का कोई व्यक्ति गांव में नहीं रहता। मोबाइल नंबर की जांच में पता चला कि पंजीकरण परवाना पुत्री हकमुदीन, निवासी कमेदा, फिरोजपुर झिरका के नाम से था। राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित जमीन अमित और दलबीर की मिली। दोनों ने किसी योजना में पंजीकरण या लाभ लेने से इनकार किया। जांच में सामने आया कि 15,200 रुपये परवाना के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक खाते में जमा हुए। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

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