Hanuman Beniwal Protest: सांसद हनुमान बेनीवाल व ग्रामीणों का नेशनल हाइवे 62 पर 4 घंटे चला धरना-प्रदर्शन, लगाकर रखा जाम

नरसिंहपुरा में नहीं लगेगा कचरा निस्तारण प्लांट

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Hanuman Beniwal Protest: श्रीगंगानगर/बींझबायला ((सच कहूँ न्यूज़))। ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र के विरोध में नरसिंहपुरा बारानी से बुधवार रात 10.30 बजे निकला आरएलपी का काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर महिलावाला टोल नाका पर रुक गया। हनुमान बेनीवाल के ऐलान के बाद हजारों समर्थक वहीं बैठ गए और करीब चार घंटे चले धरने के बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर नयन गौतम की घोषणा पर वीरवार तड़के आंदोलन स्थगित हुआ।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल बुधवार देर शाम नरसिंहपुरा बारानी पहुंचे थे। ग्रामीणों के धरना स्थल पर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद उन्होंने रात 10.15 बजे ऐलान किया कि ठीक पंद्रह मिनट बाद पूरा काफिला श्रीगंगानगर जिला कलक्ट्रेट का घेराव करने के लिए रवाना होगा। ऐलान सुनते ही जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सक्रिय हो गए। नियत समय पर बेनीवाल का काफिला गांव से निकल पड़ा। काफिले में सौ से अधिक चारपहिया वाहन और बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन शामिल थे। महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या इस कूच में साथ थी।

कलक्ट्रेट तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर महियांवाला के पास टोल नाका पर भारी बल तैनात कर दिया। काफिले को यहीं रोक दिया गया। बेनीवाल ने मौके पर ही धरना दे दिया। हजारों लोग टोल नाका के दोनों ओर सड़क पर बैठ गए। इनमें सैकड़ों महिलाएं भी थीं। समझाइश के बावजूद बेनीवाल धरना हटाने को तैयार नहीं हुए। तड़के करीब दो बजे अतिरिक्त जिला कलक्टर नयन गौतम जिला प्रशासन का संदेश लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने माइक पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मांग जयपुर के उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र के लिए वैकल्पिक भूमि तलाशने हेतु जिला प्रशासन एक कमेटी गठित करेगा। यह कमेटी नरसिंहपुरा में संयंत्र लगाने के साथ अन्य स्थानों पर लगाने के विकल्प पर भी विचार करेगी। 

इस घोषणा के बाद बेनीवाल ने वीरवार तड़के करीब तीन बजे धरना समाप्त करने का ऐलान किया। समाप्त करने से पहले उन्होंने समर्थकों को संबोधित भी किया। धरना करीब चार घंटे चला। इस दौरान टोल नाका के दोनों ओर हजारों वाहनों का जाम लग गया और राहगीर परेशान रहे। सुबह तीन बजे के आसपास जाम खुलने पर यातायात सामान्य हुआ। 

5 मार्च से चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन

गौरतलब है कि नरसिंहपुरा बारानी में ग्रामीण 5 मार्च से इस संयंत्र को हटाने की मांग पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च किया और स्कूलों में तालाबंदी भी की। इसके बावजूद प्रशासन ने प्रस्तावित स्थल की तारबंदी करवा दी, जिसे ग्रामीणों ने उखाड़ दिया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में अनेक आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। इसी बीच प्रशासन ने आंदोलन के एक पक्ष के साथ कथित समझौता कर विवाद समाप्त होने का दावा किया, लेकिन दूसरे पक्ष का धरना जारी रहा। यह धरना अब 175 दिन पूरे कर चुका है।

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