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    Kerala: केरल में कांग्रेस जीती, कांग्रेस उम्मीदवार ने बताया ‘लोकतंत्र की जीत’

    Kerala News
    Kerala: केरल में कांग्रेस जीती, कांग्रेस उम्मीदवार ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'

    Congress wins in Kerala: तिरुवनंतपुरम। केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी वैष्णव सुरेश ने मुट्टाडा वार्ड से जीत दर्ज करने के बाद इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और सत्य की विजय करार दिया। कुछ दिन पूर्व तकनीकी आधार पर उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया गया था, किंतु केरल उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से उनकी उम्मीदवारी पुनः बहाल हुई और वे चुनाव मैदान में उतर सके। Kerala News

    वैष्णव सुरेश ने मौजूदा तिरुवनंतपुरम नगर निगम पार्षद अंशु वामादेवन को पराजित किया, जो अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर मुट्टाडा से चुनाव लड़ने आए थे। उल्लेखनीय है कि मुट्टाडा वार्ड गठन के बाद से वामपंथी दल सीपीआई(एम) का प्रभावी क्षेत्र माना जाता रहा है, ऐसे में एक नए उम्मीदवार की यह सफलता राजनीतिक दृष्टि से खास मानी जा रही है।

    प्रारंभिक रुझानों में बढ़त मिलने के बाद वैष्णव ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनमत का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंततः सत्य की ही जीत होती है और जनता को भली-भांति ज्ञात था कि पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। उनके अनुसार यह एक कठिन, लेकिन सार्थक संघर्ष रहा। Kerala News

    नामांकन की जांच के दौरान तकनीकी आपत्तियों के आधार पर उन्हें चुनाव से बाहर किए जाने के निर्णय ने राज्यभर में चर्चा को जन्म दिया था। कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पक्षपातपूर्ण कदम बताया और इसके विरोध में प्रदर्शन भी किए। पार्टी का आरोप था कि यह निर्णय राजनीतिक मंशा से प्रेरित था।

    इसके पश्चात वैष्णव ने न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अधिकारियों को उनका नामांकन स्वीकार करने का निर्देश दिया, जिससे उनका चुनावी अभियान फिर से शुरू हो सका। कानूनी संघर्ष और उनकी युवा उम्र ने उन्हें कांग्रेस के प्रचार का प्रमुख चेहरा बना दिया। Kerala News

    प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शुचिता को भी प्रमुखता

    पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे प्रकरण को संस्थागत अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाया। अदालत के आदेश के बाद चले प्रचार में प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शुचिता को भी प्रमुखता दी गई।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला न केवल कांग्रेस के लिए, बल्कि समूचे स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जहां कई क्षेत्रों में कानूनी अड़चनें सामने आईं। वैष्णव की जीत को विशेष रूप से युवाओं और पहली बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। Kerala News

    परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता और न्यायपालिका दोनों में विश्वास की पुनः पुष्टि बताया। उन्होंने मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि जनता ने किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के वैध अधिकार से वंचित करने के प्रयासों को समझा और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में मतदान किया।

    अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए वैष्णव सुरेश ने मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वह उनके भरोसे पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगी। उन्होंने स्थानीय समस्याओं के समाधान और जनहित के कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। Kerala News