Engineering Student Arrested: मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने एक इंजीनियरिंग छात्र की गिरफ्तारी के बाद चल रही पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, कंप्यूटर साइंस का 21 वर्षीय छात्र कथित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित भड़काऊ और कट्टरपंथी सामग्री के प्रभाव में आ गया था। Mumbai ATS News
एटीएस की जांच में सामने आया कि युवक पिछले कुछ महीनों से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram के कुछ निजी चैनलों और समूहों से जुड़ा हुआ था। इन ऑनलाइन समूहों में विभिन्न देशों के सदस्य सक्रिय बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ प्रोफाइल फर्जी पहचान का उपयोग कर रहे थे और उन पर पाकिस्तान आधारित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव होने का संदेह जताया गया है। एटीएस का कहना है कि इन चैनलों में साझा की जा रही सामग्री में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, क्षेत्रीय संघर्षों और विभिन्न देशों में धार्मिक समुदायों से जुड़े मुद्दों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाता था। एजेंसी के अनुसार, इस तरह की सामग्री का उद्देश्य लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर वैचारिक समर्थन जुटाना होता है।
ऐसी सामग्री अक्सर युवाओं को संदेशों के रूप में प्रसारित की जाती है
जांच के दौरान बरामद डिजिटल सामग्री में कथित तौर पर कुछ ऑडियो संदेश, वीडियो क्लिप और पोस्ट शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग देशों की घटनाओं को जोड़कर विशेष नैरेटिव प्रस्तुत किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सामग्री अक्सर युवाओं को प्रभावित करने के लिए छोटे-छोटे और आसानी से समझ आने वाले संदेशों के रूप में प्रसारित की जाती है।
पूछताछ में छात्र ने यह भी बताया कि प्रारंभ में वह केवल सामान्य चर्चा वाले चैनलों से जुड़ा था, लेकिन धीरे-धीरे उसे ऐसे बंद समूहों में जोड़ा गया जहां अधिक वैचारिक और विवादास्पद सामग्री साझा की जाती थी। बताया जा रहा है कि उसने इनमें से कुछ पोस्ट अपने परिचितों के साथ निजी चैट समूहों में भी साझा किए थे।एटीएस के अनुसार, फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑनलाइन नेटवर्क किस प्रकार युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। Mumbai ATS News















