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    Political: राजनीति पिच पर कमाल नहीं कर पाए क्रिकेट के बादशाह पटौदी

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    राजनीतिक झरोखा:- 1971 के लोकसभा चुनाव में नवाब पटौदी ने गुरुग्राम लोकसभा से लड़ा था चुनाव

    • पत्नी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, अभिनेता राज कपूर ने किया था उनके लिए चुनाव प्रचार

    गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा)। Gurugram News: मात्र 21 साल की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में शिखर पर पहुंचकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने वाले पटौदी के नवाब मोहम्मद मंसूर अली खान राजनीति की पिच पर सफल नहीं हो पाए। उन्होंने हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह की विशाल हरियाणा पार्टी से वर्ष 1971 में गुरुग्राम लोकसभा से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे जीत नहीं पाए थे। कुल 22979 वोट लेकर वे तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस प्रत्याशी तैय्यब हुसैन ने जीत दर्ज की थी। Gurugram News

    बता दें कि हरियाणा गठन के बाद 24 मार्च 1967 को राव बीरेंद्र सिंह संयुक्त विधायक दल के बल पर प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री बने। वर्ष 1971 में उन्होंने विशाल हरियाणा पार्टी से महेंद्रगढ़ लोकसभा का चुनाव जीता। इसी चुनाव में उन्होंने गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र से अपनी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नवाब मंसूर अली खान पटौदी को चुनाव मैदान में उतारा। नवाब पटौदी के सामने मेवात के कद्दावर नेता चौधरी तैय्यब हुसैन कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने इस चुनाव में जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर एक समाचार पत्र के सम्पादक नरेंद्र रहे थे। नवा मंसूर अली खान पटौदी 22979 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।

    एस्कॉर्ट ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के एमडी भी थे मैदान में | Gurugram News

    वर्ष 1971 में गुरुग्राम-फरीदाबाद एक ही लोकसभा क्षेत्र था। उस समय लोकसभा चुनाव में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नवाब मंसूर अली खान पटौदी के अलावा फरीदाबाद में स्थापित एस्कॉर्ट ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के एमडी हरप्रसाद नंदा, सम्पादक नरेंद्र सहित 12 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।

    शर्मिला टैगोर, राजकपूर ने किया था चुनाव प्रचार

    गुरुग्राम लोकसभा सीट पर वर्ष 1971 में नवाब मंसूर अली खान पटौदी के लिए चुनाव प्रचार करने उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर पहुंची थी। फिल्मी दुनिया में उस दौर में शर्मिला टैगोर का बड़ा नाम था। उन्होंने यहां अपने पति नवाब पटौदी के लिए खूब प्रचार किया। निर्दलीय प्रत्याशी हरप्रसाद नंदा के चुनाव प्रचार में राजकपूर भी पहुंचे। जनता को जनसभाओं से जोड़ने के लिए तो शर्मिला टैगोर, राजकपूर सफल हुए, लेकिन बारी जब मतदान की आई तो जनता ने अपनी समझ से ही वोट दिए। Gurugram News

    इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मेवात के दिग्गज मुस्लिम नेता तैय्यब हुसैन ने 199333 वोट हासिल करके चुनाव जीता। कुल 131391 वोट लेकर नरेंद्र दूसरे स्थान पर रहे। वे तैय्यब हुसैन से 67942 वोटों से हार गए। नवाब मंसूर अली खान राजनीति की पिच पर उतरकर जनता का दिल नहीं जीत पाए और उन्हें 22979 वोटों के साथ ही संतोष करना पड़ा। एस्कोर्ट ट्रैक्टर कंपनी के एमडी हरप्रसाद नंदा को 13609 वोट मिले, जो कि चौथे स्थान पर रहे।

    22 सितंबर 2011 को नवाब पटौदी का हुआ इंतकाल | Gurugram News

    क्रिकेट की दुनिया में श्रेष्ठता के आधार पर नवाब पटौदी को वर्ष 1964 अर्जुन पुरस्कार, वर्ष 1967 में पद्मश्री और वर्ष 2001 सीके नायडू पुरस्कार दिया गया। गंभीर फेफड़ों के संक्रमण के कारण उन्हें 25 अगस्त 2011 को दिल्ली में सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। फेफड़ों में आॅक्सीजन की कमी के चलते 22 सितंबर 2011 को नवाब पटौदी का इंतकाल हो गया। उन्होंने पटौदी स्थित उनके महल इब्राहिम पैलेस परिसर में ही दफनाया गया।

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