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    Delhi: दिल्ली के मद्रासी कैंप में तोड़फोड़ अभियान आरंभ, अर्धसैनिक बल और भारी पुलिस बल तैनात

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    Delhi: दिल्ली के मद्रासी कैंप में तोड़फोड़ अभियान आरंभ, अर्धसैनिक बल और भारी पुलिस बल तैनात

    नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जंगपुरा क्षेत्र में स्थित मद्रासी कैंप नामक झुग्गी बस्ती में रविवार को व्यापक स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ की गई। यह अभियान बारापुला नाले के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार परियोजना के अंतर्गत, दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती के बीच लगभग 300 से अधिक झुग्गियों को हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम इस कार्रवाई में संलग्न है। Delhi News

    निवासियों की चिंता और विरोध | Delhi News

    झुग्गी निवासियों ने बेघर होने की आशंका व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था न तो पारदर्शी है, न ही पर्याप्त। हालांकि प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ योजना के अंतर्गत 215 परिवारों को नरेला क्षेत्र में वैकल्पिक फ्लैट आवंटित किए जाने की बात कही गई है। प्रारंभ में यह संख्या केवल 189 थी, जिसे संशोधित कर बढ़ाया गया है।

    एक वृद्ध महिला निवासी, जिनका घर ध्वस्त कर दिया गया, ने भावुक स्वर में बताया- “अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। योजनाओं की बात करते हैं, पर ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही है। जिनसे वादा किया गया, वे आज भी खुले आसमान के नीचे हैं।”

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    मद्रासी कैंप की स्थापना वर्ष 1968 से 1970 के बीच हुई थी। यह बस्ती ऐतिहासिक बारापुला नाले के निकट स्थित है, जो लगभग 400 वर्ष पुरानी एक मुग़लकालीन संरचना से संबंधित है। न्यायालय ने 9 मई 2024 को दिए गए आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि नाले के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाए और जलनिकासी व्यवस्था को सुधारा जाए, जिससे भविष्य में बाढ़ की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।

    कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों में टकराव भी तेज़

    इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों में टकराव भी तेज़ हो गया है। सितंबर 2024 में जब पहले चरण में तोड़फोड़ हुई थी, उस समय आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर बेदखली की ‘साजिश’ रचने का आरोप लगाया था। कई आम आदमी पार्टी के नेता प्रभावित परिवारों के समर्थन में धरना देने पहुँचे थे।

    वहीं, इस वर्ष फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दोनों प्रमुख दलों के नेताओं ने क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। अब जब कई परिवारों को अब भी वैकल्पिक आवास नहीं मिला है, तो लोगों में प्रशासनिक असंतोष और गहराता जा रहा है। Delhi News

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