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    घरौंडा में जरूरतमंद बुजुर्ग के मददगार बने दर्जनों हाथ, 20 हजार हुए थे चोरी, लोगों ने इकट्ठे कर दिए 23 हजार रुपए

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    Karnal घरौंडा में जरूरतमंद बुजुर्ग के मददगार बने दर्जनों हाथ, 20 हजार हुए थे चोरी, लोगों ने इकट्ठे कर दिए 23 हजार रुपए

    घरौंडा/ करनाल। घरौंडा बस स्टैंड पर बुजुर्ग की जेब कटी और शातिर जेबकतरों ने 20 हजार रुपए की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। बुजुर्ग नई रिक्शा खरीदने के लिए करनाल जा रहा था। बुजुर्ग बस से नीचे उतरा और बस स्टैंड प्रबंधन को अपने साथ हुई चोरी की वारदात से अवगत करवाया। जिसके बाद बस स्टैंड प्रबंधन व शहर के समाजसेवियों ने बुजुर्ग की मदद के लिए हाथ बढ़ाया और एक सप्ताह के अंदर ही उसके नुकसान की भरपाई कर दी। बुजुर्ग के चेहरे पर एक नई मुस्कान देखने को मिली और उसने लोगों का धन्यवाद किया।

    दरअसल बीती 30 अक्तूबर की सुबह करीब साढ़े 9 बजे गांव मलिकपुर का सेवा राम घर से बस स्टैंड घरौंडा पर पहुंचा था। उसे नई रिक्शा खरीदने के लिए करनाल जाना था। उसके पास 20 हजार रुपए की नकदी थी। यह नकदी उसने अपनी एक पुरानी रिक्शा बेचकर व सब्जियां बेचकर जमा की थी। वह बस में चढ़ा लेकिन तुरंत ही उसकी जेब कट गई और जैसे ही उसे अपनी जेब कटने का पता चला तो वह बस से नीचे उतर आया। बस स्टैंड पर हताश और निराश बैठे सेवा राम से बस स्टैंड प्रबंधन ने भी बातचीत की तो पता चला कि बुजुर्ग की जेब कटी है।

    बुजुर्ग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद लोगों ने भी बुजुर्ग के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। लोगों ने बुजुर्ग के ऑनलाइन पेमेंट अकाउंट में भी पैसे ट्रांसफर किए और लोगों ने गुप्तदान भी दिया। इसके साथ ही बस स्टैंड प्रबंधन घरौंडा ने ईधर उधर से पैसे एकत्रित किए और बुजुर्ग को सौंपे। फिर एक समाजसेवी ने 11 हजार रुपए और दूसरे ने 5 हजार रुपए की गुप्ततौर पर आर्थिक मदद भेजी। जिसके बाद बुजुर्ग के पास 20 हजार से ज्यादा का अमाउंट पहुंच गया। बुजुर्ग ने लोगाें का आभार जताया और कहा कि उसके लिए 20 हजार 20 लाख के बराबर थे, क्योंकि उसने एक एक पैसा अपनी मेहनत से जोड़ा था और किसी ने आते ही जेब पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन अच्छाई आज भी जिंदा है लोगों ने मदद की है, जिससे वह दोबारा अपनी रिक्शा खरीदने के काबिल हुआ है।

    वहीं बुजुर्ग के बेटे बिरमपाल ने बताया कि जेब कटने की घटना के बाद से उसके पिता काफी परेशान हो चुके थे और खाना पीना तक छाेड़ दिया था। किसी से पैसे कर्ज पर लेकर आया और पिता को रिक्शा के लिए पैसे दिए, लेकिन उसके बावजूद भी वे परेशान थे, अब लोगों ने जो आर्थिक मदद की है, उससे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। हालांकि लोगों की मदद से नुकसान की भरपाई तो हो गई है लेकिन चोरी किए गए पैसों की टिस अभी भी है। पुलिस को शिकायत दी हुई है और मामला भी दर्ज है, ऐसे में पुलिस आरोपियों को पकड़ने का प्रयास करें, ताकि किसी ओर व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो।