भाखड़ा नहर में पानी नहीं, नहरबंदी बढ़ी, अब 2 दिसंबर को पानी आने की संभावना
Bhakra Canal Regulation: गोरीवाला,अनिल। डबवाली इलाके में भाखड़ा नहरबंदी का समय बढ़ने से आम जनता की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। पहले नहर में 26 नवंबर को पानी छोड़े जाने की तिथि तय थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अब 2 दिसंबर कर दिया गया है। इसके चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, वहीं किसानों की फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं। ग्रामीणों साहब राम, धर्मपाल, ओमप्रकाश, रामस्वरूप, जगदीश कुमार, राजाराम, अमरजीत, प्रेम कुमार आदि ने स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि प्रशासन तुरंत कदम नहीं उठाता तो हालात और बिगड़ सकते हैं। भाखड़ा नहर डबवाली और आसपास के गांवों की जीवन रेखा है और नहरबंदी बढ़ने से घरों में पानी की सप्लाई लगभग ठप हो चुकी है। Dabwali News
पानी खरीदने को मजबूर लोग
डबवाली के बिज्जूवाली, गोदीका, दारेवाला, चकजालू, मुन्नावाली, कालुआना सहित कई गांवों में लोग 500 से 1200 रुपये तक प्रति टैंकर पानी खरीद रहे हैं। गांवों के स्टोरेज टैंक खाली पड़े हैं, महिलाओं को दिनभर पानी भरने की चिंता सताती है। इसके अलावा स्कूलों, अस्पतालों और दुकानों में भी पेयजल की कमी आ रही है। मौजगढ़ भाखड़ा नहर का खड़ा पानी भी लगभग खत्म हो चुका है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
खेती किसानी पर बड़ा असर | Dabwali News
नहरबंदी के कारण सरसों और गेहूं की फसलें बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। सरसों की शुरूआती सिंचाई नहीं हो पाई है। गेहूं वाली जमीनों में नमी कम हो गई है। किसान मजबूरी में ट्यूबवेल चला रहे, डीजल खर्च बढ़ा है। बिजली कटौती से सिंचाई और कठिन। किसानों का कहना है कि अगर 2 दिसंबर को भी पानी नहीं आया, तो फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
सिंचाई विभाग का कहना है कि इस बार नहर में बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य चल रहा था, इसलिए नहर 26 नवंबर को चालू नहीं हो पाई। लेकिन जनता इस तर्क से सहमत नहीं है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था समय पर क्यों नहीं की?। कई जगह बोरवेल और ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। मोटरें खराब, मरम्मत की फाइलें अटकी पड़ी है। नहरबंदी पहले से तय थी, फिर तैयारी क्यों नहीं हुई? Dabwali News















