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    नशे की लत में डूब रहा युवा, पूज्य गुरु जी ने उठाया था मुद्दा, लोकसभा में हुई चर्चा

    Parliament

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लोकसभा में सदस्यों (Parliament ) ने नशे के फैलते जाल पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे दुश्मनों की साजिश बताया और कहा कि युवा पीढ़ी को निशाना बनाकर देश को कमजोर करने (Drug issue raised in Lok Sabha ) की कोशिश की जा रही है इसलिए इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। आपको बता दें कि पिछले करीब 5 सालों में नशा रूपी दानव हर घर में अपना दुष्प्रभाव दिखाने लगा है। भारत वर्ष ही नहीं, पूरे विश्व में नशे की यह लत एक भयानक बीमारी के रूप में उबर कर सामने आ रही है, जो समाज के भविष्य के लिए खतरे का संकेत है। घरों को बबार्दी की कंगार तक लेकर जाने वाले इस नशे की रोकथाम के लिए डेरा सच्चा सौदा एक नई सवेर बनकर सामने आया है।

    वहीं पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने गत 3 नवंबर को शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा, यूपी से लाइव कार्यक्रम दौरान अखिल भारतीय नशामुक्त अभियान की शुरूआत की, जिसको ड्रग इरेडीकेशन पेन-इंडिया थ्रू हैल्थ एंड मैडिटेशन का नाम दिया गया। ध्यान, योग एवं स्वास्थ्य द्वारा अखिल भारतीय नशामुक्ति अभियान का मूल उद्देश्य हिंदुस्तान से नशे को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान को कारगर बनाने के लिए डेरा सच्चा सौदा गांव, कस्बे व शहरी स्तर पर स्थानीय साध-संगत का सहयोग लेगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कैंपों के अलावा योग एवं ध्यान क्रियाओं के जरीये लोगों को नशा छोड़ने के लिए र्प्रेरित किया जाएगा, वहीं स्वास्थ्य कैंप भी लगाए जाएंगे जिनमें नशे के आदि लोगों का उपचार भी किया जाएगा।

    नशा को खत्म करने के काम में समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाना चाहिए 

    Tejasvi-Surya

    पिछले 08 साल के दौरान देश में बड़ी मात्रा में ड्रग्स को नष्ट किया गया है। वर्तमान माहौल में महत्वपूर्ण यह है कि युवाओं को ड्रक्स की पहुंच से दूर रखने के लिए रणनीतिक ढंग से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी को खत्म करने के काम में समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाना चाहिए और पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

    तेजस्वी सूर्या, भाजपा नेता

    देश में नशे का संकट Parliament

    Harsimrat Kaur Badal

    “देश में नशे का संकट और इसके समाधान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम” विषय पर नियम 193 के तहत चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि पंजाब नशे की जकड़ में है और वहां की सरकार इसे रोकने के लिए कुछ भी कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने सरकार में बैठे लोगों पर खुलेआम शराब जैसे नशे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहां,‘ सड़कों पर लिखा रहता है ‘शराब पीकर गाड़ी न चलाएं लेकिन ये लोग शराब पीकर प्रदेश चला रहे हैं।’

    शिरोमणि अकाली दल

    नशाखोरी का जाल पूरे देश में फैल गया Parliament

    नशा बहुत बड़ा संकट बन गया है और इसे रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों सामाजिक संगठनों को आगे आना होगा। नशाखोरी का जाल पूरे देश में फैल गया है और अब सरकार अकेले इस समस्या से नहीं निपट सकती है। केरल कांग्रेस (यम) के थॉमस थजीकदम ने नशा मुक्त भारत अभियान को इस समस्या से निपटने के लिए सही कदम बताया और कहा कि देश में जिस तरह से नशाखोरी फैल चुकी है उसे अभियान चलाकर ही खत्म किया जा सकता है।

    जसवीर सिंह गिल , कांग्रेस नेता

    देश में नशे का कारोबार बहुत फैल गया है। इसमे सबसे बड़ा संकट यह है कि 20 साल की उम्र तक के बच्चे इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। नशे का कारोबार फैलने की बड़ी वजह देश में ड्रग की स्मगलिंग, नशामुक्ति केंद्रों की कम संख्या और ड्रग्स कारोबार को नियंत्रित करने के लिए संख्त कदम नहीं उठाए जा रहे है इसलिए यह बुराई तेजी से फैल रही है। उनका कहना था कि इस बुराई को खत्म करने के लिए राहत केंद्र खोले जाने चाहिए और लोगों में इसको लेकर जागृति लाने के कदम उठाए जाने चाहिये।

    अच्युतानंद सामंता, बीजू जनता दल

    अखिल भारतीय नशामुक्त अभियान की शुरूआत 

    Ram Rahim

    पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने गत 3 नवंबर को शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा, यूपी से लाइव कार्यक्रम दौरान अखिल भारतीय नशामुक्त अभियान की शुरूआत की, जिसको ड्रग इरेडीकेशन पेन-इंडिया थ्रू हैल्थ एंड मैडिटेशन का नाम दिया गया। ध्यान, योग एवं स्वास्थ्य द्वारा अखिल भारतीय नशामुक्ति अभियान का मूल उद्देश्य हिंदुस्तान से नशे को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान को कारगर बनाने के लिए डेरा सच्चा सौदा गांव, कस्बे व शहरी स्तर पर स्थानीय साध-संगत का सहयोग लेगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कैंपों के अलावा योग एवं ध्यान क्रियाओं के जरीये लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्र्रेरित किया जाएगा, वहीं स्वास्थ्य कैंप भी लगाए जाएंगे जिनमें नशे के आदि लोगों का उपचार भी किया जाएगा।

    नशा विरोधी मुहिम 

    बता दें कि डेरा सच्चा सौदा ने वर्ष 1948 में अपनी स्थापना से ही नशा विरोधी मुहिम शुरू की हुई है। डेरा सच्चा सौदा के तीन नियमों के अनुसार, यहां का सत्संगी बनने के लिए उसे सबसे पहले नशीले पदार्थाेंं का सेवन छोड़ना होता है। मांस-अंडा-शराब सहित तमाम दुनियावी नशों को छोड़कर हर व्यक्ति को इंसानियत के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी जाती है। डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज एवं दूसरी पातशाही पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने हमेशा सत्संगों में लोगों को नशों के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत करवाया और सदा नशा रहित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।

    क्या कहते हैं आंकड़े 

    गौरतलब है कि विश्वभर में नशे का दानव हर दिन विकराल होता जा रहा है। नशे की लत के कारण होने वाली मौतों के मामले 2021 में पहली बार 10 हजार के आंकड़े को पार कर गए। इस हिसाब से देखा जाए तो औसतन हर घंटे एक से अधिक मौतें हुई हैं। वर्ष 2021 में भारत देश में नशे की लत के कारण 10,560 मौतें हुई हैं। वहीं वर्ष 2022 के आंकड़ों में गौर किया जाए तो केवल सिरसा जिले में ही नशे की ओवरडोज से अक्तूबर महीने तक करीब 43 मौतें हो चुकी हैं। गहरी चिंता का विषय यह भी है कि देश में पारंपरिक नशों जैसे तम्बाकू, शराब, अफीम के अलावा सिंथेटिक ड्रग्स स्मैक, हिरोइन, आइस, कोकीन, मारिजुआना आदि का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है।

    Hindi Article. Durgs, Youth, Adolescent

    डेरा सच्चा सौदा के असूलों में शुमार है नशे छोड़ने की शर्त | 

    डेरा सच्चा सौदा की शिक्षा मुख्यत: तीन सिद्धांतों पर टिकी हुई है, जिसमें नशा छोड़ने की अनिवार्यता इसके मूल में समाई है। बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना करते हुए डेरा अनुयायी के लिए तीन नियम बनाए थे, जिसमें गुरुमंत्र, नाम शब्द ग्रहण करने वाले इन्सान को जीवन में किसी भी प्रकार का दुनियावी नशा करने की मनाही है। डेरा सच्चा सौदा के वह तीनों सिद्धांत आज भी जस के तस कायम हैं। पूज्य सार्इंं जी ने 12 साल में हजारों लोगों को नशा छुड़वाने का प्रण करवाते हुए डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा, वहीं परमपूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने गुरगद्दीनशीनी के 30 वर्षों में लाखों नए लोगों को नशे के दैत्य से बाहर निकालते हुए उनको नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प करवाया।

    dr msg

    वर्ष 1990 से मौजूदा पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां अब तक 6 करोड़ लोगों को नशा छोड़ने का संकल्प करवा चुके हैं, जो आज भी डेरा सच्चा सौदा के असूलों को अपनाकर खुशहाल जीवन जी रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा अपने 7 दशक के इस दौर में नशामुक्त समाज बनाने के अभियान को समय-समय पर नई गति देता रहा है। चाहे सत्संग के द्वारा लोगोंं का नशों के बारे जागरूक करना हो, या फिर गांव-गांव, शहर-शहर नशा विरोधी रैलियां निकालनी हो, डेरा सच्चा सौदा हमेशा अग्रणी पंक्ति में खड़ा दिखाई दिया है। पूज्य गुरु जी अकसर सत्संग में फरमाते हैं कि नशा जैसे शराब, भांग, अफीम या कैमिकल्सयुक्त नशे समाज को नष्ट कर रहे हैं, इन नशों को जड़ से खत्म करना होगा। पूज्य गुरु जी अकसर सत्संग में आह्वान करते हैं कि जो भी कोई नशे से पीड़ित है, यदि वह नशा छोड़ना चाहता है तो डेरा सच्चा सौदा के द्वार उसके लिए हमेशा खुले हैं।

    DEPTH Campaign

    ‘नशे बर्बादी का घर, इनसे रहें दूर’…उनकी जरूरत ही ना पड़ती। जाओ एक पैग मारा, सारे दु:ख, दर्द, परेशानियां, बीमारियां दूर, तो ये आपका भ्रम है। नशा बर्बादी का घर है, जरा सा लेना शुरू करते हैं आप, उसके गुलाम हो जाते हैं और फिर गुलाम क्या करता है जो नशा करवाता है वही, इसलिए कभी भी नशे के नजदीक ना जाओ। ये बर्बादी का घर ही नहीं है बल्कि बर्बादी की ऐसी दलदल है, आप एक बार इसमें धंस गए तो धंसते चले जाएंगे और फिर आप तक सीमित नहीं रहेगा, आपके बीवी-बच्चे, आपके माँ-बाप, भाई-बहन सब का बुरा हाल होगा, सिर्फ आपकी वजह से। तो क्या आपने इस लिए जन्म लिया है कि आप अपने परिवार को तड़फाएं? क्या आपने इसलिए जन्म लिया है कि राक्षस प्रवृत्ति को बढ़ावा दें? अरे हम जिन धर्मों को मानते हैं उनमें देवी-देव को ऊँचा माना जाता है, राक्षस नीचा है।

    पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां

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