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    बठिंडा-दिल्ली रेल मार्ग पर बिजली से दौड़ने लगी रेलगाड़ियां

    Bathinda-Delhi rail route

    बठिंडा(अशोक वर्मा)। बठिंडा-दिल्ली (Bathinda-Delhi rail route) वाया जाखल मानसा सैक्शन व बिजली के साथ चलने वाले इंजन लगने के कारण रेल गाड़ियां फरार्ट की तरह दौड़ने लगी हैं। आजादी दिवस मौके मालवा के लोगों को रेल विभाग ने नया तोहफा दिया है हालांकि हरियाणा के जींद तक पहले भी बिजली के इंजन चल रहे थे परंतु अब इस सेवा को बठिंडा तक बढ़ा दिया गया है।

    पहले पड़ाव के अंतर्गत उन गाड़ियों को यह सुविधा दी गई है जिनके इंजन बठिंडा में बदले जाते हैं

    पहले पड़ाव के अंतर्गत उन गाड़ियों को यह सुविधा दी गई है जिनके इंजन बठिंडा में बदले जाते हैं। वैसे बठिंडा से आगे फिरोजपुर व श्री गंगानगर रूट पर गाड़ियां डीजल इंजन के साथ ही चलेंगी, जिस कारण करीब 20 मिनट अदला-बदली में बर्बाद होंगे।

    प्राप्त जानकारी मुताबिक श्री गंगानगर-हावड़ा उद्यान आभा एक्सप्रैस गाड़ी नंबर 13007 व वापिसी पर गाड़ी नम्बर बिजली के साथ चलने लगी है इसी तरह ही डिबरूगढ़ -लालगढ़ एक्सप्रैस गाड़ी नंबर 15909 व 15910 भी बिजली वाले इंजन पर चलेगी। इसी तरह ही पैसेंजर गाड़ी नंबर 59094, गाड़ी नंबर 54043 को भी बिजली इंजन की सुविधा दी गई है।

    दिल्ली फिरोजपुर पैसेंजर नंबर 54641 व 54642 बठिंडा दिल्ली तक बिजली इंजन के साथ चल रही है जबकि बठिंडा फिरोजपुर ट्रैक पर डीजल इंजन लगेगा इसी तरह ही फिरोजपुर-जींद के बीच चलने वाली गाड़ी नंबर 54045 और 46 में भी बठिंडा तक बिजली का इंजन लगाया जाने लगा है। बादल परिवार की बहु हरसिमरत कौर बादल दे केंद्र सरकार में मंत्री होने के चलते अकाली दल पर इस प्रॉजैक्ट की सफलता का श्रेय बंधता है। वैसे वर्ष 2005 में शुरू हुए इस प्रोजैक्ट को मुकम्मल होने पर 13 साल लग गए फिर भी रोजमर्रा के मुसाफिरों में काफी खुशी पाई जा रही है। रेल विभाग की ओर से इस रेल मार्ग के बिजलीकरण के लिए तीन साल का लक्ष्य तय किया गया था।

    गौरतलब है कि तकरीबन तीन सौ किलोमीटर लम्बे बठिंडा दिल्ली रेल मार्ग पर रोजमर्रा की एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के आने-जाने के कारण यातायात की बहुतायत है। इस तरह के हालातों दरमियान रोजाना कोई न कोई रेलगाड़ी प्रभावित होती रहती थी। सिंगल ट्रैक रेल गाड़ियों की रफ़्तार बढ़ाने में भी रुकावट साबित हो रहा था जो कि दोहरा व बिजलीकरण के अंतर्गत लाया गया है।

    बठिंडा में ताप बिजली घर, रिफायनरी, राष्ट्रीय खाद कारखाना व अन्य भी कई अहम प्रॉजैकट होने के कारण रेल ट्रैक के बिजलीकरण की जरूरत महसूस की जा रही थी।

    अन्य मार्गों का भी हो बिजलीकरण

    रेलवे पैसेंजर वैलफेयर एसोसिएशन के जरनल सचिव व मैंबर डिविजनल रेलवे सलाहकार समिति सुखदेव राम बांसल ने कहा कि बठिंडा दिल्ली रेल मार्ग बिजली करण होना क्षेत्र के लिए अच्छा शगुन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अन्य ट्रैक भी इस दायरे नीचे लाने जाने चाहिए। बांसल ने दिल्ली से बठिंडा तक समूह रेलवे स्टेशनों व यात्री सुविधाएं बढ़ाने व अपेक्षित विकास की मांग भी की है।

    होटल एंड रिजॉर्ट एसोसिएशन पंजाब के राज्य अध्यक्ष सतीश अरोड़ा ने कहा कि बठिंडा में टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं। इनके लिए बढ़िया रेल लिंक अति जरूरी थे जो कि शुरु हो गया है। उन्होंने कहा कि बठिंडा की तरफ शताब्दी आने लगी है परन्तु ओर भी अरामदायक गाड़ियां चलाने की जरूरत है। उन्होंने आम आदमी को सस्ता व सुरक्षित रेल सफर देने के लिए रेल सेवा में विस्तार करने की मांग की है।

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