
Bokaro Elephant Attack: बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले में मानव–हाथी संघर्ष की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। गोमिया प्रखंड के बड़कीपुन्नू गांव में गुरुवार तड़के हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और शोक का वातावरण है। Bokaro News
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का दल बुधवार शाम लगभग सात बजे गांव में प्रवेश कर गया था। लोगों ने सामूहिक प्रयास से शोर मचाकर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ दिया, किंतु खतरा पूरी तरह टला नहीं। तड़के करीब तीन बजे वही झुंड पुनः बस्ती में आ धमका और कई घरों के आसपास उत्पात मचाया। इसी दौरान करमाली परिवार के तीन सदस्य हाथियों की चपेट में आ गए। हमले में गंगा करमाली, कमली देवी और भगिया देवी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। दो अन्य परिजनों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हाथियों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीण लगातार जी रहे दहशत में
चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बीते कुछ समय से हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे ग्रामीण लगातार दहशत में जी रहे हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय और समय रहते चेतावनी तंत्र की व्यवस्था नहीं होने से ऐसी घटनाएं बार-बार घट रही हैं।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रखंड के दरहाबेड़ा गांव में हाल ही में हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। उस घटना के बाद प्रशासन को वन्यजीव नियंत्रण के लिए निर्देश दिए गए थे, किंतु ताजा हादसे ने तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह से अब तक राज्य में हाथियों के हमलों में 18 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बढ़ती घटनाओं ने मानव–हाथी संघर्ष को गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौती बना दिया है। स्थानीय लोग प्रभावी निगरानी, सुरक्षित पुनर्वास योजना और शीघ्र मुआवजा प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। Bokaro News














