Minority Rights in Bangladesh: ढाका। हिंसा से जूझ रहे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को एक और हिंदू नागरिक की जान चली गई। आरोप है कि चोरी के संदेह में एक भीड़ ने उसका पीछा किया, जिसके बाद भयभीत होकर वह जान बचाने के प्रयास में भागा और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। Bangladesh News
स्थानीय प्रशासन के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, नौगांव जिले में मिथुन सरकार नामक व्यक्ति पर कुछ लोगों ने चोरी का आरोप लगाया। आरोपों से घबराकर वह मौके से भाग निकला और एक नहर में कूद गया। बाद में मंगलवार दोपहर नहर से उसका शव बरामद किया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसक घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। बीते कुछ दिनों और दिसंबर 2025 के दौरान कई जिलों से हमले, हत्या और उत्पीड़न की खबरें सामने आई हैं।सोमवार को जेसोर जिले में एक हिंदू व्यवसायी, जो एक स्थानीय समाचार पत्र से जुड़े थे, को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। उसी दिन नरसिंगदी शहर में 40 वर्षीय एक हिंदू किराना दुकानदार की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। Bangladesh News
खोखन चंद्र दास नामक व्यक्ति पर अत्यंत क्रूर हमला किया गया था
इससे पहले शरियतपुर जिले में खोखन चंद्र दास नामक व्यक्ति पर अत्यंत क्रूर हमला किया गया था। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, लूटा गया और आग के हवाले कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें ढाका ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
जनवरी की इन घटनाओं से पहले दिसंबर में भी हिंसा की कई वारदातें सामने आई थीं। 24 दिसंबर को राजबाड़ी शहर में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उससे कुछ दिन पहले मैमनसिंह में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को भीड़ ने मार डाला था और उनके शव को जला दिया गया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था। Bangladesh News
हिंदू, बौद्ध और ईसाई एकता परिषद के अनुसार, दिसंबर माह में ही बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर कम से कम 51 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई। इन मामलों में हत्या के साथ-साथ लूटपाट, आगजनी और यौन हिंसा की घटनाएं भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हिंसा ऐसे समय पर हो रही है, जब देश संसदीय चुनावों की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद होने वाले पहले आम चुनाव 12 फरवरी को प्रस्तावित हैं, जिससे राजनीतिक और सामाजिक तनाव और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है। Bangladesh News















