Shinzo Abe Murder Case: टोक्यो। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की वर्ष 2022 में हुई हत्या के मामले में बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। बुधवार को जापान की एक अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं तैयार की गई देसी बंदूक से इस वारदात को अंजाम दिया था, जिसे अदालत ने अत्यंत निंदनीय और समाज के लिए गंभीर खतरा बताया। Japan News
नारा जिला न्यायालय ने 45 वर्षीय तेत्सुया यामागामी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष ने भी उसके लिए आजीवन कारावास की ही मांग की थी। सुनवाई के दौरान यामागामी ने स्वीकार किया कि उसने घर में बनी हथियार से शिंजो आबे पर गोलियां चलाई थीं। घटना के समय आबे नारा शहर में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि आरोपी को 20 वर्ष से अधिक की सजा न दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यामागामी का जीवन कठिन परिस्थितियों से भरा रहा और वह एक धार्मिक संगठन से जुड़ी पारिवारिक परेशानियों के कारण मानसिक दबाव में था। आरोपी का कहना था कि उसकी मां ने यूनिफिकेशन चर्च को भारी धनराशि दान में दी, जिससे परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। Japan News
जापान में यूनिफिकेशन चर्च के राजनीतिक प्रभाव के केंद्र में शिंजो आबे थे
यामागामी का आरोप रहा कि जापान में यूनिफिकेशन चर्च के राजनीतिक प्रभाव के केंद्र में शिंजो आबे थे, जिसके चलते उसके मन में उनके प्रति आक्रोश पनपा। अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए फायरआर्म्स एंड स्वॉर्ड्स कंट्रोल कानून के तहत हथियार चलाने के अपराध में भी दोषसिद्ध किया। हालांकि, घटना में प्रयुक्त हथियार पारंपरिक कानूनों में परिभाषित आग्नेयास्त्र की श्रेणी में नहीं आता था।
इस मामले के सामने आने के बाद जापान में धार्मिक संगठनों द्वारा चंदा वसूली के तरीकों पर व्यापक बहस शुरू हुई। सरकार ने यूनिफिकेशन चर्च की गतिविधियों की जांच करवाई, जिसके बाद टोक्यो जिला न्यायालय ने उसे भंग करने और धार्मिक संस्था के रूप में मिलने वाली कर छूट समाप्त करने के आदेश दिए। वर्ष 2022 में ऐसे संगठनों की धन-संग्रह पद्धतियों को नियंत्रित करने के लिए नया कानून भी लागू किया गया।
उल्लेखनीय है कि शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल थे। 67 वर्ष की आयु में नारा में भाषण के दौरान गोली लगने से उनका निधन हो गया था। वे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से थे और राजनीति में आने से पहले अपने पिता, पूर्व विदेश मंत्री शिंतारो आबे के साथ कार्य कर चुके थे। आबे ने दो बार जापान के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और स्वास्थ्य कारणों से वर्ष 2020 में पद छोड़ दिया था। Japan News















