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    क्या आपको भी है बार-बार हाथ धोने की बीमारी?

    Health Tips
    क्या आपको भी है बार-बार हाथ धोने की बीमारी?

    जानिए क्या है ‘जुनूनी बाध्यकारी विकार’ OCD

    Health Tips: कोरोना वायरस को खत्म हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अब भी कई लोग साफ-सफाई को लेकर एक तरह के मानसिक विकार से पीड़ित हैं-बेशक, बार-बार हाथ धोने से वायरस आपके शरीर तक नहीं पहुंच पाएगा और आप इससे दूर रह सकते हैं। लेकिन, अगर वायरस या कीटाणु आपको हर समय डराते रहते हैं और आप बार-बार या बिना किसी कारण के अपने हाथ धोने लगते हैं, तो यह ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) नामक बीमारी का लक्षण हो सकता है।

    ओसीडी के मरीज को लगता है कि वह हर समय कीटाणुओं के संपर्क में रहता है और वह हर समय एक डर के साये में रहने लगता है। दरअसल, दिमाग के अंदर सेरोटोनिन नाम का एक रसायन होता है और जब दिमाग में इसकी मात्रा कम हो जाती है तो व्यक्ति को काम करते समय अधूरापन महसूस होता है और ऐसे में वह साफ-सफाई को लेकर जरूरत से ज्यादा सचेत हो जाता है। लोगों से दूर रहने की कोशिश करता है।

    ओसीडी के लक्षण | Health Tips

    1. हर वक्त गंदगी का डर रहना
    2. बार-बार हाथ धोना
    3. हर समय संदेह महसूस होना
    4. हर समय चीजों की सफाई करना
    5. अनियंत्रित होने या दूसरों को चोट पहुंचाने का डर
    6. नहाते समय आवश्यकता से अधिक समय व्यतीत करना
    7. सारा दिन साफ-सफाई में लगे रहना
    8. हमेशा यही सोचना कि “मैं सफ़ाई करना नहीं भूला।”
    9. ऐसी जगह कैद होने का डर जहां बहुत गंदगी हो।
    10. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से डर लगता है
    11. ऐसे स्थानों की ओर मुख करके हाथ हिलाना तथा बेहोश होना आदि।
    12. जमाखोरी रोग
    13. जरुरत से ज्यादा खरीदना
    14. घरेलू वस्तुओं/उपकरणों की बार-बार सेटिंग करना

    जुनूनी बाध्यकारी विकार के कारण नुकसान | Health Tips

    इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोग डिटर्जेंट से नहाना और हाथों को इस कदर साफ करने लगते हैं कि हाथों की त्वचा खराब होने लगती है। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और लोग दूसरे काम छोड़कर सिर्फ साफ-सफाई में लगे हुए हैं। भय, तनाव, चिड़चिड़ापन, अवसाद और निराशा हर समय मानसिक स्थिति को परेशान करते हैं। ऐसे लोग घर में किसी को घुसने नहीं देते और घर की साफ-सफाई के साथ-साथ एक ही चीज को बार-बार साफ करते रहते हैं। ऐसे में हम काउंसलिंग और बिहेवियरल थेरेपी की मदद से मरीज का इलाज करते हैं और जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद भी लेते हैं।
                                                                                                                 डॉ. अमनदीप अग्रवाल

    एमबीबीएस (पंजाब), कार्डिएक इमर्जेंसी कोर्स (अपोलो हॉस्पिटल) फैमिली फिजिशियन प्रोफेसर आर.डी. अग्रवाल मेमोरियल अस्पताल (केवल 100 /- रु. फीस और धर्मार्थ भावना से चलने वाला निजी अस्पताल, किशन बाग कॉलोनी, चिंतपूर्णी माताजी मंदिर के सामने, नाभा गेट के बाहर, संगरूर

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