
Haryana Railway News: प्रतापनगर (राजेन्द्र कुमार)। देश के अलग-अलग राज्यों में विकास कार्य बहुत तेजी से चल रहे है। इसी क्रम में हरियाणा में भी सड़क से लेकर रेलवे लाइन तक कार्य बहुत तेजी से चल रहे हैं। इसी क्रम में रेल मंत्रालय ने दिल्ली और अंबाला के बीच स्थित रेलवे मार्ग को फोरलेन में बदलने की योजना धार दे दी है। इस निर्णय को देखते हुए, मौजूदा दो लाइन वाली प्रणाली को चार लाइन वाले कॉरिडोर में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह कदम दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर बढ़ते लोड और यात्री संख्या के कारण उठाया गया है।
प्रारंभिक योजना और लागत | Haryana Railway News
यह परियोजना कुल 193.6 किलोमीटर की दूरी पर होगी, और इसे पूरा करने में अनुमानित चार साल का समय लगेगा। इस योजना में 32 रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 7,074 करोड़ रुपये है, जो इसे एक बड़ी और महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना बनाती है।
भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य
इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण भी किया जाएगा। इसके तहत 15 गांवों से 11 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इनमें समालखा डिवीजन के आठ गांव और पानीपत के सात गांव शामिल हैं। इन गांवों के भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, परियोजना के लिए 80 हेक्टेयर भूमि निजी और 5 हेक्टेयर भूमि सरकारी है।
जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की बैठक
इस परियोजना की शुरूआत को लेकर पानीपत और सोनीपत के जिला प्रशासन के अधिकारियों और रेलवे अधिकारियों के बीच बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में दोनों जिलों के उपायुक्त भी मौजूद रहे, जिससे इस परियोजना की दिशा और रणनीति को लेकर स्पष्टता बनी। अधिकारियों ने इस परियोजना के समग्र लाभ, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अन्य आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया।
रेल यातायात का बढ़ता दबाव
दिल्ली से अंबाला तक का रेलवे मार्ग वर्तमान में केवल दो ट्रैकों पर संचालित हो रहा है, लेकिन ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यात्री लोड को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था। फोरलेन निर्माण से न केवल ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा, बल्कि इससे यात्रा समय में भी कमी आएगी। साथ ही, यात्री सुविधा और सुरक्षा में भी वृद्धि होगी।














