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Sunday, March 1, 2026
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    झारखंड में बच्चों की मौत के बाद सरकार सतर्क, तीन कफ सिरप पर लगाया प्रतिबंध

    Jharkhand News
    Jharkhand cough syrup ban

    Jharkhand cough syrup ban: रांची, झारखंड। झारखंड सरकार ने राज्य में तीन कफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय उन रिपोर्टों के बाद लिया गया, जिनमें मध्य प्रदेश और राजस्थान में संदिग्ध कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मृत्यु की घटनाएँ सामने आई थीं। Jharkhand News

    राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और औषधि नियंत्रण निदेशालय (नामकुम, रांची) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन सिरपों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे हैं — कोल्ड्रेफ, रेपीफ्रेश टीआर और रिलाइफ सिरप। प्रयोगशाला जांच में पाया गया कि इन सिरपों में डायइथाइलीन ग्लाइकॉल नामक रसायन की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक है। यह रसायन औद्योगिक उपयोग के लिए होता है और इसका सेवन मनुष्य के लिए अत्यंत हानिकारक व घातक साबित हो सकता है।

    औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी दवा निरीक्षकों को आदेश दिया

    औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी दवा निरीक्षकों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखें, दुकानों और अस्पतालों की जांच करें तथा इन उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करें। साथ ही, यदि कहीं ये सिरप पाए जाएँ तो कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकार ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे इन तीनों कफ सिरप का उपयोग न करें और यदि घर में मौजूद हों तो उन्हें नष्ट कर दें या नजदीकी औषधि नियंत्रण अधिकारी को सूचित करें।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम एक सतर्कता आधारित आपात निर्णय माना जा रहा है। वहीं, अन्य राज्यों — जैसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड — ने भी इस मामले पर एडवाइजरी जारी की है और संदिग्ध कफ सिरप की बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।

    इससे पूर्व, 5 अक्टूबर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दवा निर्माण इकाइयों में गुणवत्ता मानकों के पालन, बच्चों में कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग, और फार्मेसियों की सख्त निगरानी जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि औषधि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। Jharkhand News