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    Green Tea Benefits: ग्रीन टी के फायदे, ग्रीन टी पीने का सही समय और सही तरीका

    Benefits of Green Tea
    Benefits of Green Tea ग्रीन टी के फायदे, ग्रीन टी पीने का सही समय और सही तरीका

    Benefits of Green Tea: स्वस्थ तन और खुश मन यही एक तमन्ना सबके दिल में होती है। तो आज जानिए एक ऐसी चाय के बारे में जो आपके तन और मन दोनों की सेहत का ध्यान रखेगी। और वो है ग्रीन टी। बदलते जीवन मानदंडों और व्याप्त हुई महामारी ने लोगों को स्वस्थ रहने का सलीका दिया है। और ग्रीन टी पीने के फायदे (green tea peene ke fayde) इसी काल में ज्यादा खोजी गई जानकारी है। विदेशों में भी ग्रीन टी खासी लोकप्रिय हो चुकी है। तो आज जाने, ग्रीन टी पीने के फायदे (green tea pine ke fayde)। इस लेख में आप जानेंगे

    यह भी पढ़ें:– हंसने के पांच फायदे | Hasne ke fayde

    • ग्रीन टी क्या है
    • ग्रीन टी की उत्पत्ति
    • ग्रीन टी के फायदे (green tea ke fayde)
    • ग्रीन टी कितने प्रकार की होती है
    • ग्रीन टी कैसे बनाएं
    • कौन पी सकते हैं ग्रीन टी
    • ग्रीन टी पीने की सावधानियां

    इसके अलावा ग्रीन टी के अन्य फायदे यानी सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने के फायदे, ग्रीन टी में नींबू डालकर पीने के फायदे, सोते समय ग्रीन टी पीने के फायदे इत्यादि की जानकारी भी आपको संदर्भित चरणों में मिलेगी।

    तो आइए इन चरणों में जाने, ग्रीन टी पीने के फायदे।

    ग्रीन टी क्या है?

    ग्रीन टी भी आम चाय की तरह पत्तियां ही होती है परंतु अलग तरह की होती हैं। मतलब इनका ट्रीटमेंट यानी प्रसंस्करण थोड़ा अलग तरह से होता है। इनके पौधों का नाम कैमलिया साइनेंसिस होता है। इसी पौधे की पत्तियों से ग्रीन टी, येलो टी, वाइट टी, उलोंग टी और ब्लैक टी का निर्माण होता है। ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चाय है जो आपको ताज़गी से भर देगी। ग्रीन टी के विघटन एवं ऑक्सीकरण की प्रक्रिया इसे बाकी चायों से अलग बनाती है। हर चाय की पत्तियों की किस्म उनके

    •  उत्पादन प्रक्रिया
    •  फसल या पौध की जलवायु और तापमान
    • ऑक्सीकरण

    पर मुख्यत निर्भर करती है।

    ग्रीन टी पीने के फायदे (green tea pine ke fayde) अनेक हैं। ग्रीन टी की उत्पत्ति पूर्वी एशिया में मानी जाती है। इसमें भी चीन की चाय सुप्रसिद्ध है। पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में ग्रीन टी की अलग–अलग किस्मों का उत्पादन होता है। ग्रीन टी कई प्रकार की होती है। आइए जानें ग्रीन टी के प्रकार के बारे में। मुख्यत भारत, चीन, जापान, कोरिया और अन्य कई पूर्वी एशियाई देशों में ग्रीन टी की खेती की जाती है। इसके पेड़ छोटे और पौधे के रूप में दिखते हैं। चाय के बागान तो सभी जानते हैं, कितने खूबसूरत होते हैं। भारत में असम, दार्जिलिंग और केरल राज्य के मुन्नार में इसके बागान मिलते हैं।

    ग्रीन टी की उत्पत्ति

    ग्रीन टी की उत्पत्ति की कथा चीन, ताइवान, जापान, कोरिया, भारत देशों में अलग अलग समय काल में अपने ढंग से कही गई है। इन सभी देशों में लगभग नौवी से दसवीं शताब्दी के समय काल में चाय और साथ ही ग्रीन टी की भी उत्पति मानी गई है। चीन में ग्रीन टी को पूर्व काल में भांप दिया जाता था। और बादमें इसे पैन में सेका जाने लगा। ग्रीन टी के लिए भिन्न प्रकार की प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

    जापान में बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा इसे नौवी शताब्दी में लाया गया था।

    ग्रीन टी की भारत से जुड़ी एक ऐतिहासिक कहानी आपको ग्रीन टी पीने के फायदे के बारे में और जागरूक करेगी और प्रोत्साहित भी। प्राचीन काल में दक्षिण पूर्वी कोरिया में स्थित राज्य गया के राजा सुरो थे। गया के रिकॉर्ड, जिसका जिक्र मेमोरेबिलिया ऑफ थ्री किंगडम में मिलता है, के अनुसार राजा सुरो की रानी ह्यू ह्वांगओक थी। रानी भारत के अयोध्या नामक राज्य से आईं थी और अपने साथ चाय का एक पौधा ले आईं थी। उसी पौध को चांगवों के पहाड़ी पर रोपा गया जिसे ग्रीन टी की कोरिया में शुरुआत मानी जाती है। हालांकि ज्यादातर आलेखों में चीन को ही चाय के लिए सुप्रसिद्ध माना जाता है उनकी व्यापित खेती के कारण। बहरहाल कोरिया में गौतम बुद्ध को ही ग्रीन टी चढ़ाई जाती थी। इतिहास की रोचक जानकारी के बाद आइए जानें ग्रीन टी के फायदे।

    ग्रीन टी के फायदे (green tea ke fayde)

    ग्रीन टी पीने के फायदे जानकर आप तुरंत ही इसे अपना सकते हैं। ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स एंड कैफ़ीन जैसे फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। आगे आपको हम उन बीमारियों के बारे में बताते हैं जिससे ग्रीन टी आपको इन बीमारियों से लड़ने में सहायक कही जाती है। इन बीमारियों से लड़ना या बचाना ही ग्रीन टी के फायदे हैं। इस लेख में प्रस्तुत जानकारी सिर्फ तथ्यों और साइंटिफिक अनुसंधान के आधार पर दिया गया सुझाव मात्र है। हम इसके उपचार होने का दावा नहीं करते।

    • कैंसर

    एक अनुसंधान में माना गया है की ग्रीन टी पीने का एक फायदा कैंसर से बचाव भी माना गया है। ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी–इन्फ्लेमेटरी तत्व कैंसर में बनने वाली कोशिकाओं के विकास को रोकती हैं। हालांकि शोध में यह पाया गया है की कीमोथेरेपी के दौरान ग्रीन टी के सेवन का कोई असर नहीं होता है।

    • हृदय रोग

    रोजाना एक कप ग्रीन टी पीने का फायदा हृदय को होता है। एक अवलोकन संबंधी अध्ययन में ये बात सामने आई है कि प्रति दिन एक कप ग्रीन टी में वृद्धि से हृदय रोग से होने वाली मृत्यु के जोखिम कम होते हैं।

    ग्रीन टी पीने का फायदा हृदय आघात में कमी लाने का भी है।

    • रक्तचाप

    एक मेटा विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि ग्रीन टी पीने के फायदे रक्तचाप नियंत्रण में भी नजर आते हैं। ग्रीन टी पीने से उच्च रक्तचाप की समस्या धीरे धीरे कम हो जाती है। लगातार ग्रीन टी तीन से चार माह पीने में ये असर दिखने लगता है।

    • मधुमेह

    भारत को दुनिया की मधुमेह राजधानी भी कहा जाता है। कारण यह की भारत की आठ करोड़ जनता मधुमेह की बीमारी से पीड़ित है। ग्रीन टी पीने से फास्टिंग ब्लड शुगर के परिणामों में निम्नता पाई गई है। तो अब मधुमेह के नियंत्रण में भी ग्रीन टी पीने के फायदे आप जान चुके हैं।

    • कोलेस्ट्रॉल

    आजकल की भागदौड़ वाली जीवनशैली में खान पान का विशेष ध्यान नहीं रखा जाता। तला भुना और गरिष्ठ भोजन शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण है। दो तरह के कोलेस्टोल होते हैं। LDL कोलेस्ट्रोल यानी बुरा और HDL यानी अच्छा कोलेस्ट्रोल । ग्रीन टी के नियमित सेवन से आप अपने शरीर से LDL कोलेस्ट्रोल को कम कर सकते हैं। ग्रीन टी के पीने से HDL अप्रभावित रहता है।

    कब्ज़

    कब्ज यानी constipation की समस्या की जनक आज का गरिष्ठ खाना और असंतुलित आहार है। खाने में फाइबर युक्त भोजन की कमी आपको कब्ज के साथ गैस, एसिडिटी जैसी समस्या और बीमारी भी देती है।

    ग्रीन टी में मौजूद अल्कालोइड टैनिन खाने को पचाने में सहायक है। परंतु ध्यान रहे। खाली पेट ग्रीन टी पीने के फायदे काम नुकसान ज्यादा हैं। खाली पेट इसके सेवन से बचना चाहिए। वरना ये कब्ज को बढ़ा सकती है। बेहतर यही है की खाने से एक या डेढ़ घंटा पहले ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

    • इंफ्लेमेशन

    ग्रीन टी में कैटचिन और थीएनिन नामक दो अति महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। इन दो तत्वों के कारण ग्रीन टी की स्वास्थ्य रक्षण में सहायक भूमिका है। इंफ्लेमेशन यानी सूजन और जलन जैसे प्रभावों को कम करने के लिए एक उपाय है नींबू। ग्रीन टी में नींबू डालकर पीने के फायदे यह हैं कि यह इंफ्लेमेशन में कारगर होता है। नींबू में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ग्रीन टी के साथ मिलकर राहत देते हैं। ग्रीन टी में नींबू डालकर पीने के फायदे तभी हैं जब आप इसे रोजाना पिएं। दिन में दो बार पीने से लाभ मिलेगा।

    बाजार में आजकल ग्रीन टी के कई प्रकार आते हैं। उनमें से एक है लेमन ग्रीन टी।  लेमन ग्रीन टी के फायदे आपको इंफ्लेमेशन से राहत देते हैं। ग्रीन टी का यह वेरिएंट उन लोगों के लिए उत्तम है जो कामकाजी हैं।

    ग्रीन टी कितने प्रकार की होती है

    green tea peene ke fayde जानने के साथ ही ग्रीन टी के कुछ प्रचलित किस्मों के नाम जानते हैं।

    • तुलसी ग्रीन टी: भारत देश की पवित्र तुलसी के पत्तों के साथ ग्रीन टी के अनेक फायदे हैं। तुलसी के औषधीय और अलौकिक गुण ग्रीन टी के साथ मिलकर चाय को अलग स्तर पर ले जाते हैं। ग्रीन टी का यह प्रकार विदेशों में भी लोकप्रिय है। यह रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है ऐसा माना जाता है।  तुलसी ग्रीन टी या बेसिल ग्रीन टी में तुलसी के अलग अलग प्रकार की तुलसी का प्रयोग होता है। उसी हिसाब से इनके अलग असर होते हैं।
    • कैमोमाइल ग्रीन टी: ग्रीन टी में कैमोमाइल की पत्तियों को मिलाने से उसका स्वाद बढ़ जाता है। कैमोमाइल के साथ सोते समय ग्रीन टी पीने के फायदे आपको अच्छी नींद से मिलते हैं। जी हां। कैमोमाइल की पत्तियों में सेडेटिव याने सुलाने वाले तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर को आराम पहुंचाते हैं और अच्छी नींद लेने में आसानी होती है।
    • हिमालयन ग्रीन टी: नाम से अनुमान लग रहा है की इस ग्रीन टी की पत्तियां हिमालय के क्षेत्र से ली जाती हैं। हिमालय ग्रीन टी एक उच्चकोटि का डिटॉक्स है जो आपको ताज़गी से भर देगा।
    • जापानी सेंचा ग्रीन टी: यह जापानी ग्रीन टी है जिसको सेंचा कहा जाता है। सेंचा का स्वाद कुछ मीठा और कुछ कसेला होता है। सर्दियों के लिए सेंचा ग्रीन टी सबसे अच्छी मानी गई है। इसमें विटामिन सी की मात्रा अच्छी होती है। यह चाय पत्तियों के रूप में ही पानी में उबाल कर पी जाती है।
    • माचा ग्रीन टी: माचा ग्रीन टी भी जापान में सबसे ज्यादा उत्पादित होती है। माचा की पत्तियों को तोड़ने के बाद उन्हे टेंचा कहा जाता है। माचा ग्रीन टी को पीसा जाता है और पाउडर की तरह ही इस्तेमाल किया जाता है। यह एक महंगी ग्रीन टी होती है। इसको बनाने के लिए पानी को उबाल कर थोड़ा ठंडा करना होता है। ज्यादा गरम पानी में यह चाय कड़वी हो जाती है।
    • जैस्मीन ग्रीन टी: जैस्मीन यानी चमेली के सुगंधित फूलों के साथ संचारित ग्रीन टी आपके मूड यानी मनोदशा को सुधार सकती है। यह चाय आपको तनाव से मुक्ति प्रदान करती है। जिससे उच्च रक्तचाप में राहत मिलती है। यही ग्रीन टी पीने का फायदा है।
    • जेनमाइका ग्रीन टी: इस ग्रीन टी के प्रकार का निर्माण जापान में होता है। जेनमाइका ग्रीन टी सेंचा ग्रीन टी की पत्तियों के साथ भुने हुए चावल के फूले याने पफ्ड राइस के साथ मिली होती है। यह फाइबर से भरपूर होती है।
    • लॉन्गजिंग/ड्रैगन वेल ग्रीन टी: लॉन्गजिंग का मतलब ड्रैगन वेल ग्रीन टी होता है। इसका उत्पादन चीन में होता है।
    • ज्ञोकुरो ग्रीन टी: यह एक उच्चतम गुणवत्ता की ग्रीन टी है। इसमें अच्छी मात्रा में अमीनो एसिड होने के कारण स्वाद प्राकृतिक मीठा होता है। गहरा हरा रंग इसमें अच्छे क्लोरोफिल की द्योतक है।
    • मिंट ग्रीन टी: यह सुगंधित ग्रीन टी का वेरिएंट मोरक्को में उत्पादित होता है। मोरक्कन मिंट ग्रीन टी सुगंध के साथ स्वास्थ के लिए भी लाभप्रद है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।
    • लेमन ग्रीन टी: लेमन यानी नींबू  विटामिन सी से भरपूर होता है।  नींबू का खट्टा स्वाद थोड़ी कसैली ग्रीन टी के साथ मिलाने से वो उन लोगों की भी प्रिय बन चुकी है जो ग्रीन टी से बचते हैं। उसपे स्वास्थ लाभ अलग।
    • हनी लेमन ग्रीन टी: गर्म पानी में नींबू और शहद अपने लिया होगा। इसी में अगर ग्रीन टी भी मिल जाए तो इसके स्वास्थ्य लाभ तिगुने हो जाते हैं। शहद का फाइबर , नींबू का विटामिन सी और ग्रीन टी के एंटीऑक्सडेंट गुण इसे सबका प्रिय बनाते हैं।

    इन किस्मों और प्रकारों के अलावा और भी कई किस्में हैं परंतु विशेषकर ग्रीन टी के ये नाम प्रचलित हैं।

    ग्रीन टी कैसे बनाएं

    ग्रीन टी आपको प्रचलित रूप से टी बैग में मिलती है। परंतु यह खुले स्वरूप में भी मिलती है।

    • टी बैग वाली ग्रीन टी

    टी बैग में उपलब्ध ग्रीन टी बनाना सबसे सरल है। कप में ग्रीन टी बैग को डालें। पानी उबालिए और कप में डाल दें। तैयार है आपकी ग्रीन टी। ध्यान रहे को पानी बिलकुल उबलता भी कप में न डालें। दस से पंद्रह सेकंड रुक कर पानी डालें। इससे ग्रीन टी का स्वाद बढ़ जाएगा।

    • खुली ग्रीन टी या लूज ग्रीन टी

    एक पैन में पानी उबालें। उबाल आने के बाद बंद कर दें। एक भांप निकलने पर यानी करीब पंद्रह से तीस सेकंड के बाद आधी टी स्पून ग्रीन टी डालें। फिर उसे पैन को ढक दें। दस से पंद्रह सेकंड बाद कप में छान लें। भांप से ग्रीन टी की खुशबू कायम रहती है। इससे ग्रीन टी कड़वी नहीं होती।

    कौन पी सकते हैं ग्रीन टी

    ग्रीन टी पीने के फायदे तो आपने जान लिए परंतु इसे कौन पी सकता है, यह जानें। ग्रीन टी हर उम्र के वयस्क पी सकते हैं। जवान से लेकर उम्रदराज लोग इसका सेवन करके ग्रीन टी पीने के फायदे का लाभ ले सकते हैं। परंतु कैफीन होने के कारण इसे बच्चों को नहीं देना चाहिए। बारह साल के बाद काम मात्रा में इसे दिया जा सकता है। ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सर्दी जुकाम में लाभ दे सकते हैं। फिर भी बच्चों को ग्रीन टी देने का दावा हम नहीं करते।

    ग्रीन टी पीने की सावधानियां

    कई तरह के औषधीय गुणों के कारण ग्रीन टी पीने के फायदे तो हैं परंतु कुछ नुकसान भी है। एक शौध के मुताबिक अत्यधिक मात्रा में ग्रीन टी लेने से लीवर को नुकसान पहुंच सकता है। वैसे भी कहा गया है कि

    अति सर्वत्र वर्जयेत

    इसलिए सावधानी रखें और अपने स्वास्थ् का ध्यान  रखें। आशा करते हैं आपको ग्रीन टी पीने के फायदे और सावधानियां अच्छी तरह ज्ञात हुए। धन्यवाद।

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