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    पिछले वित्त वर्ष में विकास दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर

    Growth rate down to 4.2 percent in last financial year
    नयी दिल्ली। विनिर्माण और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण वित्त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 2018-19 के 6.1 प्रतिशत से घटकर 4.2 प्रतिशत रह गयी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा आज जारी आँकड़ों में बताया गया है कि 31 मार्च 2020 को समाप्त पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में विकास दर 3.1 प्रतिशत रही। कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण चौथी तिमाही के पूरे आँकड़े एकत्र नहीं किए जा सके हैं। फिलहाल उपलब्ध आँकड़ों के आधाार पर रिपोर्ट तैयार की गयी है और बाद में पूरे वित्त वर्ष तथा चौथी तिमाही के आँकड़ों में संशोधन किया जाएगा। वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी 145.66 लाख करोड़ रहा जो 2018-19 के 139.81 लाख करोड़ से 4.2 प्रतिशत अधिक है। चौथी तिमाही में जीडीपी 38.04 लाख करोड़ रहा जो 2018-19 की अंतिम तिमाही के 36.90 लाख करोड़ से 3.1 प्रतिशत अधिक है।
    अप्रैल में कोर उत्पादन 38.1 प्रतिशत लुढ़का
    विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण मौजूदा वर्ष के अप्रैल में देश का कोर उत्पादन 38.1 प्रतिशत लुढ़क गया है। इससे पिछले माह में इसमें 9 प्रतिशत की कमी आई थी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि अप्रैल 2019 में कोर उत्पादन में 5.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। मंत्रालय का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण कोर उत्पादन क्षेत्र के विभिन्न भागों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कोर उत्पादन में कोयला, बिजली ,सीमेंट, इस्पात, कच्चा तेल , प्राकृतिक गैस , रिफाइनरी और उर्वरक का उत्पादन दर्ज किया जाता है।

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