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    डेरा श्रद्धालु बोले, पूज्य गुरु जी खुद मीलों का सफर तय कर पीड़ितों का दर्द बांटने आए थे गुजरात

    हमें इंसानियत की सेवा करना पूज्य गुरु जी ने सिखाया

    सच कहूँ/विजय शर्मा
    भुज। आँखें नम, लबों पर एक फरियाद उस खुदा से, अपने पूर्ण मुर्शिद के दर्श दीदार की। जिनकी शिक्षाओं की बदौलत करोड़ों घर नशों के कारण उजड़ने से बच गए। न जाने कितने बुराई छोड़ अच्छाई की राह पर निकल पड़े, न जाने कितनी ही बेटियां जन्म से पहले मरने से बच गई। ऐसे सच्चे दाता रहबर के प्रति उनके शिष्यों की तड़प एक बार फिर गुजरात में नामचर्चा के दौरान देखने को मिली। भुज जिले के ब्लॉक भचाऊ में पहुँची श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण दे रही थी कि उनका प्रेम व दृढ़ विश्वास आज भी अपने पूज्य गुरु जी के पर ज्यों का त्यों बरकरार है, उसमें राई के दाने जितनी भी कमी नहीं आई है। सच कहूँ संवाददाता विजय शर्मा ने इस दौरान गुजरात के विभिन्न ब्लॉकों से पहुंची साध-संगत से बातचीत की तो उनका कहना था कि आज अगर वह इंसानियत के मार्ग पर हम चल रहे हैं तो ये पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं का ही असर है। वरना इस कलयुग में तो लोग अपनों तक की मदद से पीछे हट जाते हैं, वहीं डेरा श्रद्धालु दूसरों की जिंदगियों बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं।

    ‘‘मैंने जब 2001 में गुजरात भूकंप के दौरान पूज्य गुरु जी को पीड़ितों की मदद करते हुए देखा तो मैं हैरान था, ये देखकर कि एक संत खुद मीलों का सफर तय कर गरीबों का दर्द बांटने आए हैं। इतिहास में मैंने न तो कभी ऐसा देखा और न कभी सुना। पूज्य गुरु जी में एक अजब कशिश है, उनके आने से सब अपना दर्द भूल गए। पूज्य गुरु जी के स्नेह को देखकर ऐसा लग रहा था मानों वो हमें बरसों से जानते हों।

    सुशीला इन्सां, अहमदाबाद।

    ‘‘मैं सन् 2005 से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हूँ, पूज्य गुरु जी से नामदान की प्राप्ति के बाद मेरा जीवन की बदल गया। पूज्य गुरु जी ने शिक्षा दी कि इंसानियत की सेवा ही भगवान की भक्ति है। तब से मेरे जीवन ऐसे बदलाव आया कि आज मैं ही नहीं, मेरा पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा से जुड़कर जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। पूज्य गुरु जी के रूप में हमें तो भगवान के दर्शन हो गये।

    कन्हैया इन्सां, आदीपुर।

    ‘‘मेरा पूज्य गुरु जी पर विश्वास आज भी पूरा दृढ़ रूप से कायम है। दुनिया क्या बोलती है इसकी मुझे परवाह नहीं। हमारा काम तो अपने पूज्य गुरु जी के प्रति दृढ़ आस्था के साथ आगे बढ़ना और पूरे विश्व में इंसानियत का डंका बजाना है। एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब झूठ के बादल छंट जाएंगे और सच का सूरज अपनी पवित्र आभा के साथ एक बार फिर आसमान की बुलंदियों पर चमकेगा।

    बुजुर्ग सेजी इन्सां, आदिपुर।

    ‘‘पूज्य गुरु जी ही ऐसे संत, पीर फकीर हैं जिन्होंने वेश्याओं को शुभदेवी का दर्जा देकर उन्हें अपनी बेटी बनाया। इतिहास के पन्नों में झांक कर देख लिजिये ऐसा संत दूसरा नहीं मिलेगा। पूज्य गुरु जी ने हमेशा समाज की भलाई के लिए ऐतिहासिक मुहिमों की शुरूआत की है। जिन्होंने समाज को बदलने का काम किया है। उन्हीं की प्रेरणाओं व शिक्षाओं का असर है आज सवा छह करोड़ लोग बुराइयों को छोड़कर रामनाम व मानवता भलाई के 138 कार्य नि:स्वार्थ कर रहे हैं।

    गोवा इन्सां, गांधीधाम किडाना।

    ‘‘जब देश कारोना वायरस की चपेट में था तब डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के एक आह्वान पर पूरे विश्व में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के जवान व डेरा श्रद्धालु इस वायरस के बीच में इंसानियत की मदद को मैदान में उतरे। खाली होते ब्लड बैंकों को अपनी खून की एक-एक बूंद देकर मरीजों को जीवनदान दिया। सेनेटाइजेशन, मास्क वितरण, इम्यूनिट बढ़ाने के लिए फल व कोविड रोकथाम कीटों का वितरण, सफाई अभियान, घरों में बंद लोगों तक राशन पहुंचाना, कोरोना वॉरियर्स का हौंसला बढ़ाने सहित कई अन्य कार्य किये। पूज्य गुरु जी ने हमेशा देश व समाज का भला ही किया है।

    वर्षा इन्सां, अहमदाबाद।

    ‘‘सच्चे सतगुरु के किये उपकारों को मैं तो क्या सृष्टि का कण-कण भी कभी भूला नहीं सकता। पूज्य गुरु जी ने प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में कई अहम् कार्य किये हैं। पशु-पक्षियों की भी संभाल की। धरती व हमारी नदियों की स्वच्छता के लिए सफाई महाअभियान चलाए। रक्तदान व पौधारोपण में तो कई विश्व रिकॉर्ड तक कायम हैं। ऐसे सच्चे पीर फकीर का हाथ हम कभी नहीं छोड़ सकते।

    सैजल बहन, गांधीधाम।

    ‘‘मैं खुद पर गर्व महसूस करती हूँ कि मुझे ‘गुरु पापा’ के रूप में भगवान मिले हैं। आज पूज्य गुरु जी को करोड़ों लोग फ ॉलो कर रहते हैं। पूज्य गुरु जी ने बेटियों व महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। पूज्य गुरु जी की शिक्षाओं के कारण की आज बेटियां अबला नहीं सबला बन चुकी हैं।

    -प्रगति इन्सां, अहमदाबाद।

    ‘‘नामचर्चा में पूज्य गुरु जी द्वारा भेजे गए शाही पत्र को सुनकर रूहों को बेहद सुकून मिला है। पूज्य गुरु जी ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया है। इसलिए तो डेरा सच्चा सौदा को सर्वधर्म का संगम कहा जाता है। डेरा सच्चा सौदा ही एक ऐसी रूहानी संस्था है जहां हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई एक ही छत के नीचे रामनाम का गुणगान करते हैं। पूज्य गुरु जी सच थे, सच हैं और सच ही रहेंगे।

    मनसुख भाई इन्सां, भंगीदास

    ‘‘संत किसको अपनी रहमतों के आशीर्वाद से नवाजते हैं ये कोई नहीं जानता। भूकंप के बहाने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां बुराइयों में फंसे हम जीवों को बाहर निकालने के लिए आए। हम गुजरात में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मानवता भलाई कार्यों को दिन रात गति देने में जुटे हुए है और ये सब पूज्य गुरु जी की दी गई शिक्षा का कमाल है।

    भूरा इन्सां, बेला, जिला भुज।

    ‘‘गुजरात के उपर भूकंप के समय पूज्य गुरु जी ने जो रहमत की है वो कहने सुनने से परे हैं। पूज्य गुरु जी ने पूरे विश्व के लिए 138 मानवता भलाई के कार्य चलाए, लेकिर मुझे बड़ा दु:ख होता है आज पूज्य गुरु जी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं। नशों की दुकानें बंद होने से भौखलाए लोग साजिशें रच रहे हैं। ताकि उनकी दुकानें चलती रहें। लेकिन मुझे अपने सतगुरु पर पूरा विश्वास है एक दिन सत्य की जीत जरूर होगी।

    हरिकेश इन्सां, गांधीधाम, गुजरात

    ‘‘मुझे 20 वर्ष हो गए डेरा सच्चा सौदा से जुडेÞ हुए। पूज्य गुरु जी से नामदान प्राप्ति के बाद सच्ची भक्ति का पता चला। डेरा सच्चा सौदा के तो इलाही नारे में भी इतनी शक्ति है बड़ा से बड़ा कर्म भी सूल बनकर कट जाता है। मुझे और मेरे बेटे को एक बार जब अचानक बिजली का झटका लगा तो कुछ समझ नहीं आया, बस एक नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ बोला और पता नहीं चला की करंट बंद कैसे हो गया। ऐसे करिश्में हमारे साथ होते रहते हैं और ये सब पूज्य गुरु जी पर हमारे दृढ़ विश्वास का सबूत हैं।

    -सवजी इन्सां, गांव सरसला।

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