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    हिमाचल की ‘रेखा’ ने पंजाब में बदली अपनी ‘किस्मत’

    Himachal's Rekha

    ऑटो रिक्शा चलाकर महिला सशक्तिकरण को दे रही बढ़ावा

    (Himachal’s Rekha)

    सच कहूँ/सुखजीत मान होशियारपुर। हिमाचल प्रदेश की बेटी रेखा परिवार पर बोझ नहीं। यह मेहनती बेटी उन लोगों के लिए भी सबक है जो बेटियों को महज घरों तक ही सीमित रखने की सोच रखते हैं। रेखा ठाकुर (30) ने पंजाब को अपनी कर्म भूमि बनाते हुए एक सराहनीय पहल की है। रेखा ठाकुर तलवाड़ा में ऑटो रिक्शा चलाकर महिलाओं के लिए मिसाल बनी है। रेखा ने कड़ी मेहनत कर एक ओर लोडिड गाड़ी भी खरीद ली है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता यह सराहनीय कदम साबित हो रहा है।

    पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उठा रही परिवार का बोझ

    बता दें कि 24 साल की उम्र से ही ऑटो रिक्शा चला रही रेखा ने, जहां पिता को अपनी मेहनत के साथ बेटे होने का गौरव महसूस करवाया, वहीं 25 साल की उम्र में पति के कंधे से कंधा मिलाकर कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण भी कर रही है। (Himachal’s Rekha) गांव टैरेस की निवासी रेखा ठाकुर ने बताया कि घर की गरीबी को खत्म करने के लिए जब उसने अपने पिता के सामने अपना ही कारोबार करने के लिए ऑटो रिक्शा चलाने की बात रखी, तो उसके पिता ने 2014 में उसे एक आॅटो रिक्शा खरीद दिया।

    उसने बताया कि जब ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि आम जनता में यह सोच थी कि यह काम सिर्फ पुरूषों का है, परंतु उसने हर हालात का डट कर मुकाबला किया। रेखा ने अपने जज्बे और जुनून के साथ न सिर्फ अपने परिवार को संभाला, बल्कि अपनी, दो छोटी बहनों का विवाह भी करवाया और अब वह अपने छोटे भाई की भी समय-समय पर मदद कर रही है।

    डिप्टी कमिश्नर ने की बेटी की प्रशंसा

    • होशियारपुर के डिप्टी कमिश्नर अपनीत रियात ने रेखा की ओर से किए जा रहे कार्य की प्रशंसा करते कहा हैं।
    • रेखा जैसी महिलाएं ही वास्तव में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती हैं।
    • जिला प्रशासन की ओर से भी जरूरतमंद महिलाओं को मुफ़्त ई-रिक्शा मुहैया करवाए जा रहे हैं।
    • जिसके लिए उनको मुफ़्त ड्राइविंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

    मायके में रहती छोटी बहनों का भी उठाया खर्च

    • मायके में रहती अपनी, दो छोटी बहनों के विवाह का खर्चा भी खुद उठाया।
    • सबसे छोटे भाई के सिर पर भी हाथ रखा।
    • रेखा ठाकुर जहां प्राईवेट नौकरी कर रहे अपने पति के साथ परिवार चला रही है।
    • जरूरत पड़ने पर अपने छोटे भाई की पढ़ाई का खर्च भी उठा रही है।

    विवाह मौके भी रखी ऑटो रिक्शा चलाने की बात

    रेखा ने साल 2015 में विवाह करवाते समय प्राईवेट नौकरी कर रहे अपने पति को रिक्शा और लोडिड गाड़ी चलाने के काम को जारी रखने की बात कही, जिस पर पति ने भी उसका साथ दिया रेखा ने बताया कि अब उसकी एक साल की बेटी है और बेटी सहित छोटे भाई को अधिकारी बनाना ही उसका लक्ष्य है।

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