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Friday, February 6, 2026
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    पर्यावरण संरक्षण का जरिया बनी मानव अस्थियां

    Human Bones, Environment Protection, Gurmeet Ram Rahim, Dera Sacha Sauda

    हरित क्रांति व सौंदर्यकरण का अनोखा नजारा | Human Bones

    Sirsa, Sandeep kamboj | Human Bones

    एक तरफ जहां मानव अस्थियां नदियों, नहरों में जल प्रदूषण की वजह बनी हैं, वहीं दूसरी ओर एक जगह ऐसी भी है जहां मानव अस्थियों से पर्यावरण संरक्षण की अद्भुत ऐतिहासिक इबारत लिखी जा रही है।

    जल प्रदूषण पर रोकथाम में डेरा सच्चा सौदा लिख रहा अद्भुत ऐतिहासिक इबारत

    • यहां अस्थियों पर हजारों पौधे लहलहा रहे हैं, जो कि हरित क्रांति व सौंदर्यकरण का अनोखा नजारा है।
    •  यकीन नहीं आ रहा हो तो चले आइए हरियाणा के सरसा स्थित सर्वधर्मसंगम डेरा सच्चा सौदा।
    •  यहां आपको पर्यावरण सुरक्षा का ऐसा अनूठा दृश्य मिलेगा जिसे देखकर आप हैरान रह जांएगे।

    दिखाई दे रहा सौन्दर्यीकरण का अद्भुत नजारा | Human Bones

    • लहलहाते पौधों के बीच हरियाली की छटा सौन्दर्यीकरण की अलग ही आभा बिखेर रही है।
    • डॉ. एमएसजी ने इन अस्थियों से पर्यावरण सुरक्षा का बीड़ा उठाया है।
    •  ‘अस्थियों से पर्यावरण सुरक्षा’ मुहिम के तहत मरणोपरांत दाह संस्कार के बाद अस्थियों पर पौधारोपण का सिलसिला जारी।
    • शाह सतनाम जी धाम स्थित करीब तीस एकड़ से भी अधिक भू-भाग पर विभिन्न तरह के हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं।

    मरणोपरांत भी मानवता सेवा का गजब संदेश | Human Bones

    • ये अस्थियां मानवता के उन सच्चे प्रहरियों की हैं
    • जिनका जीते-जी हर क्रम, हर लम्हा मानवता को समर्पित रहता है।
    • पौधों के रूप में वातावरण को अपनी सुगंध से महका रहे ये वो इंसानियत के मसीहा हैं
    • जिन्होंने जीते-जी अपने खून से बीमार जरूरतमंदों की तकदीर लिखी।
    • किसी ने आंखें तो किसी ने जरूरत पड़ने पर अपना गुर्दा तक दान कर दिया।

    बर्बाद नहीं होंगी Human Bones

    इन पौधों को दी जा रही तरजीह किन्नू, मौसमी, संतरा, आम, अमरूद, अनार समेत विभिन्न फल व छायादार पौधे अस्थियों को पौधे के गड्ढे में डाल कर, उस पर फलदार या छायादार या अन्य उपयोगी पेड़-पौधे लगा दें जो ज्यादा बेहतर है।

    इस तरह से अस्थियां भी बर्बाद नहीं होंगी और मरने के बाद भी इंसान स्वच्छ वातावरण बनाने में सहायक होगा और इन अस्थियों
    पर अंकुरित होने वाले बीज का भी भला होगा।

    पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां

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