देश की बेहाली पर सुप्रीम कोर्ट का दर्द
इतना ही नहीं यहां उच्चतम न्यायरलय तब भी बेबस नजर आया है, जब न्यायालय के आदेश राजनीतिक पार्टियों से उनके दागी सांसदों, विधायकों का ब्यौरा मांगते हैं।
पंजाब की जेलों की दुर्दशा
रअसल किसी भी पार्टी ने राज्य की जेलों में सुरक्षा कानून लागू करने की गंभीर कोशिश नहीं की। पिछले कई सालों से जेलों में कैदियों से एक दिन में 5-7 मोबाइल फोन बरामद होने की घटनाएं आम घट रही हैं। फिरोजपुर, फरीदकोट व बठिंडा जेल हमेशा ही सुर्खियों में रही है। जेलों में नशा तस्करी के मामले भी आम हैं।


























