जीवन पर खतरा, आर्थिक भविष्य की चिंता बेमतलब
आर्थिक तरक्की के चलते पूरी दुनिया ने अपना हवा, पानी, वन, मिट्टी, जीव जन्तु सब तहस-नहस कर लिए हैं। प्रकृति ने आर्थिक पहिये को जरा सा रोककर फिर से मनुष्य की हवा, पानी, मिट्टी, वनों की साफ-सफाई शुरू कर दी है वह भी बड़ी तेजी के साथ, जोकि मनुष्य अरबों रूपये के सफाई एवं पर्यावरण संरक्षण प्रोजेक्ट बनाकर भी नहीं कर पा रहा था।
इरफान का शांति संदेश
इरफान ने इस विचार को बुलंद किया था कि इस्लाम में आतंकवाद और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं। इस्लाम प्यार, अमन व भाईचारे का संदेश देता है। मैंने जैसा इस्लाम समझा है उसका अर्थ शांति और भाईचारा है, आतंकवाद नहीं। जो लोग यह करते हैं, वो इस्लाम को समझ ही नहीं पाए हैं।
व्यक्ति प्रकृति से उतना ही ले जितना लौटाया जा सके
समुद्री वनस्पति और जीव-जंतुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है
ऐसा ही बुरा असर वनों की कटाई, असंख्य औद्योगिक मकानों के निर्माण से धरती
और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो गया है


























