वनों को आग से बचाने के लिए बने ठोस नीति
वनों के बिना धरती दिवस मनाने का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। वनों की तबाही के होते विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। बेहतर हो यदि अमीर देश व अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं वनों को बचाने के लिए कोई ठोस मुहिम चलाएं, हर घटना पर चुप रहने से समस्या का निराकरण नहीं हो सकता।
संपादकीय: अमेरिका-तालिबान समझौता : शांति के प्रयासों की जीत
कई मौकों पर यह बात भी सामने आती रही है कि उनका इस्लाम के नाम पर किसी अन्य देश के साथ कोई वास्ता नहीं है।
वन्यजीवों को भी है जीने का अधिकार
कुछ देश आर्थिक लाभों के लिए अभी भी प्राकृतिक वन संपदा के साथ-साथ वन्यजीवों के शिकार के परमिट खुली बोली प्रक्रिया के माध्यम से दे रहे हैं जो कि शर्मनाक है।

























