लॉकडाउन के बंधन ढीले करने की मजबूरी
लॉकडाउन में दी गई छूट का गलत इस्तेमाल न करें क्योंकि आपकी एक गलती कई लोगों पर भारी पड़ सकती है। यह भी जान लेना चाहिए कि इस बीमारी की अभी कोई दवा नहीं है, ऐसे में केवल परहेज के जरिए ही इस बीमारी से बचा जा सकता है। थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।
दर्शकों के टेस्ट के हिसाब से ही बदला है सिनेमा
पूरे देश में आगजनी, बसे-कारें जलाई जा रही हैं। पुलिसकर्मियों और राहगीरों पर पत्थरबाजी हो रही है।
अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को लगता है कि एक्ट उनके खिलाफ है।