प्रेरणास्त्रोत: लोभ से विनाश
सूचना मिलने पर राजा पहुँचा और पुत्र का शव देखकर विलाप करने लगा। तभी वहाँ पहुँचे एक ऋषि ने स्मरण कराया अब कुछ होने का नहीं है। पुत्र की कामना का लोभ उत्तम था। वह लोभ होकर भी लोभ से परे था। तुमने उसमें अप्राकृतिक विधान जोड़ा और ऐसा विलक्षण पुत्र पाया जिसकी रक्षा कठिन हो गई।
महाराष्ट्र में विचित्र सियासी गठबंधन
झूठ और धोखे के इस खेल में भाजपा, राकांपा, शिव सेना और कांग्रेस ने
आज के भारत के सच को उजागर किया है कि सत्ता ही सब कुछ है।
आप यह भी कह सकते हैं कि यही लोकतंत्र है
आंदोलनों की भेंंट चढ़ती सार्वजनिक संपत्ति
आखिर देश का आम नागरिक कब तक आंदोलनों के आगे लाचार होता रहेगा। भले ही बात कितनी भी गंभीर हो पर हिंसा उसका जबाव नहीं हो सकता। हांलाकि 2017 के सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पहुंचाने के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो साफ हो जाता है


























