बुजुर्गों की ‘मनोदशा’ को न होंने दें ‘लॉक’
लॉकडाउन में बुजुर्गों को कभी अकेला न रहने दें। अकेलापन उनके भीतर निराशा और हताशा का भाव पैदा करता है। जिसकी वजह से जीवन में नैराश्यता का भाव पैदा होता है। उम्र दराज लोगों से हमेशा बातचीत करते रहिए। उनके भीतर संवाद शून्यता का भाव पैदा न होने पाए।
ऑनलाइन शिक्षा बनाम शिक्षा का नैतिक-सामाजिक पक्ष
क्या महर्षि अरविंद द्वारा बताएं चहुँमुखी विकास करने में ऑनलाइन शिक्षा सक्षम हो सकती? इसके अलावा जिस देश में गुरु के चरणों में बैठकर व्यवहारिक शिक्षा अर्जित किए जाने का विधान रहा हो, और तो और शिक्षा और दर्शन जहां पर एक ही सिक्के के दो पहलू माने जाते हों। वहां ऑनलाइन शिक्षा कहीं देश के भविष्य और संस्कार को नेपथ्य में न ले जाए? यह बात विचार करने योग्य है।
क्या महाभियोग के जरिये हट सकते हैं ट्रंप
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अगर ट्रंप के विरूद्व महाभियोग का प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो वे दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हो जाएंगे। महाभियोग की इस जल्दबाजी का एक बड़ा कारण उपराष्ट्रपति माइक पेंस का व्यवहार भी है।
डब्लूएचओ बन गया कागजी शेर
सिर्फ दिखाने के लिए ही डब्लूएचओ का अस्तित्व है, वास्तव में उसके पास न तो संकटकाल से लड़ने और संकट काल से बाहर निकलने के लिए कोई कार्यक्रम हैं और न ही सशक्त नीतियां हैं। डब्लूएचओ के बड़े-बडे अधिकारी सिर्फ अपने भाषणों और समिनारों में ही रोगों से लड़ने और रोगों से जीवन बचाने की वीरता दिखाते हैं।


























