ईमानदारी के अभाव में बस्तियां बसी, इंसान उजड़ा
ईमानदारी दिवस राजनीतिक झूठों, फरेब एवं धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए एक अभियान है, आम जनजीवन में बढ़ती अनैतिकता एवं बेईमानी, राजनेताओं के बढ़ते झूठ एवं व्यवसाय में अनैतिकता एवं अप्रामाणिकता ने जीवन को जटिल बना दिया है । उन्नत एवं शांतिपूर्ण जीवन के लिये ईमानदारी आधारभूत तत्व है।
अब बड़ा सवाल, लॉकडाउन बढ़ेगा या…नहीं?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो चर्चा की है। वीडियो चर्चा और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी लॉकडाउन का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि कोरोना संक्रमितों की संख्या मेंं लगातार बढ़ोतरी हो रही है, उसके मद्देनजर पूरी तरह लॉकडाउन हटाना खतरनाक साबित हो सकता है।
जीवन-संकटों के बीच उजालों की खोज
मनुष्य जीवन में गैर-जिम्मेदारी एवं लापरवाही की इतनी बड़ी-बड़ी चट्टानें पड़ी हुई हैं, जो मनुष्य-मनुष्य के बीच व्यवधान पैदा कर रही हैं। संकल्प, संयम एवं समर्पण के हाथ इतने मजबूत हैं कि उन चट्टानों को हटाकर आदमी को आदमी से मिला सकता है, जीवन की संभावनाओं को पंख लगा सकता है।
चीन की चालाकी पर ताला
कोरोना महामारी से भारतीय कंपनियों के सामने वित्तीय संकट उपस्थिति हुआ है। ऐसी स्थिति में टेकओवर की मंशा रखने वाले चीन और दूसरे देशों की गिद्ध दृष्टि भारतीय कंपनियों पर लगी हुई थी। सरकार ने समय रहते इन देशों की मंशा को पहचान लिया और एफडीआई नियमों में संशोधन करके चीन सहित दूसरे वर्चस्ववादी देशों के मनसूबों पर पानी फेर दिया ।


























