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    कैथल: पीएचसी में स्टाफ का टोटा, 24 घंटे की प्रसव सुविधा ठप होने के कगार पर

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    Kalayat कैथल: पीएचसी में स्टाफ का टोटा, 24 घंटे की प्रसव सुविधा ठप होने के कगार पर

    कलायत ‎सच कहूॅं / अशोक राणा। ‎प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बात्ता स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है, जिससे यहां 24 घंटे मिलने वाली प्रसव सुविधा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर, महिला चिकित्सक, फार्मासिस्ट, और स्टाफ नर्स के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। नियमानुसार, प्रसव सुविधा के लिए पाँच स्टाफ नर्सों की ड्यूटी होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल दो स्टाफ नर्स ही कार्यरत हैं। गांव के जसवंत राणा, सजीव, अशोक, और अन्य निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर एक भी स्टॉफ नर्स छुट्टी पर चली जाती है तो पूरी प्रसव सुविधा भंग हो जाती है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पीएचसी बात्ता के लिए तैनात तीन स्टाफ नर्सों की ड्यूटी कैथल लगा दी गई है, जिसके चलते आसपास के नरवलगढ़, ब्राह्मणी वाला, वजीर नगर, कैलरम और चौसाला जैसे गाँवों से आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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    ‎रात में बढ़ती है मुश्किल; ग्रामीणों ने की पर्याप्त स्टाफ की मांग

    ‎ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय यह समस्या और भी विकराल हो जाती है। पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों और जच्चा-बच्चा के परिजनों को मजबूरन इलाज के लिए कैथल या कलायत नागरिक अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों बर्बाद होता है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी में स्टाफ की कमी का सीधा असर मरीजों के इलाज और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर भी पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द डॉक्टर, फार्मासिस्ट और पर्याप्त स्टाफ नर्स उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि अस्पताल के काम सुचारू रूप से चल सकें और लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।

    ‎सीनियर डॉक्टर बोले- कार्यभार कम करने के लिए लगाई जाएगी नर्स की ड्यूटी

    ‎सीनियर डॉक्टर साहिल ने बताया कि पीएचसी बात्ता में स्टॉफ नर्स की कमी के चलते कलायत से दो स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि फार्मासिस्ट का पद खाली होने के कारण एक नर्स को उसका काम संभालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों और विशेषकर गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कार्यभार को कम करने के लिए कलायत से और नर्सों की ड्यूटी लगा दी जाएगी।